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Gold-Silver Price Hike: सोना 1.4 लाख रुपये के पार, चांदी में भी भारी उछाल; वेनेजुएला में तनाव का दिखा असर

Mon, 05 Jan 2026 07:17 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वैश्विक बाजार में जारी भू-राजनीतिक उठापटक के बीच सोने-चांदी की कीमतों में तेजी जारी है। सर्राफा बाजार का क्या हाल है, जानकार क्या कह रहे हैं। आइए जानते हैं विस्तार से।
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सोने-चांदी के भाव - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव गहराने के साथ ही सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार में जोरदार तेजी दिखी।  दिल्ली में सोमवार को सोने का भाव 960 रुपये चढ़कर 1,40,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव पिछले सत्र (शुक्रवार) में 1,39,440 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।  वहीं, चांदी की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिला है। चांदी 2,600 रुपये की तेजी के साथ 2,44,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई, जो शुक्रवार को 2,41,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी।

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बाजार से जुड़े विश्लेषकों का मानना है कि इस तेजी का मुख्य कारण लैटिन अमेरिका में बढ़ता तनाव है, जिसने निवेशकों को 'सेफ-हेवन' एसेट्स की ओर मोड़ दिया है।  एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार, वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की सख्त कार्रवाई और लैटिन अमेरिका में अस्थिरता के जोखिम ने बुलियन की मांग को बढ़ा दिया है।

गांधी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कोलंबिया और मेक्सिको को लेकर दिए गए आक्रामक बयानों ने भी क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंकाओं को जन्म दिया है, इससे सोने-चांदी जैसी पारंपरिक सुरक्षित संपत्तियों की मांग में इजाफा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसका सीधा असर दिखा। मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी हेड प्रवीण सिंह ने बताया कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाए जाने और पकड़े जाने की खबरों के बाद भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ गया है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 2.03 प्रतिशत (87.74 डॉलर) उछलकर 4,418.24 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

चांदी में तेजी का कारणों में आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं भी

चांदी की कीमतों में आई तेजी केवल भू-राजनीतिक तनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे मजबूत औद्योगिक मांग और आपूर्ति संबंधी चिंताएं भी हैं। कोटक म्यूचुअल फंड के वीपी और फंड मैनेजर सतीश होंडापति ने बताया कि मजबूत औद्योगिक और निवेश मांग के साथ-साथ आपूर्ति शृंखला की चिंताओं ने चांदी को मजबूती दी है।

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होंडापति ने यह भी साफ किया कि हालिया उतार-चढ़ाव का एक बड़ा कारण सीएमई समूह की मार्जिन आवश्यकताओं में वृद्धि और 1 जनवरी से लागू हुए चीन के चांदी निर्यात प्रतिबंध हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 3.24 प्रतिशत (2.35 डॉलर) बढ़कर 75.02 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। 

ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चेनानी ने बताया कि सरकारों द्वारा सप्लाई चेन को लेकर उठाए गए कदमों से चांदी को ढांचागत समर्थन मिला है। गौरतलब है कि नवंबर में अमेरिका ने चांदी को इलेक्ट्रिक सर्किट, बैटरी और सोलर सेल में इसके व्यापक उपयोग के कारण 'की मिनरल' घोषित किया था।

चेनानी ने कहा कि वाशिंगटन द्वारा चांदी को महत्वपूर्ण खनिजों की सूची में शामिल करने से इसकी रणनीतिक प्रासंगिकता बढ़ी है, जिससे दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने अनुमान लगाया कि आने वाले महीनों (2026) में चांदी की कीमतें मौजूदा स्तर से बढ़कर 88.60 डॉलर, 99 डॉलर और 107 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती हैं। इससे पहले अक्टूबर में यह 45 डॉलर के आसपास थी, जो दिसंबर 2025 में 82.7 डॉलर के शिखर पर पहुंची थी।
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