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सर्राफा बाजार: सोने के दाम ₹700 रुपये बढ़कर 1.49 लाख प्रति 10 ग्राम हुए; चांदी स्थिर, बाजार में क्या चल रहा?

Wed, 30 Sep 2026 07:26 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/मुंबई

सार

सोने की कीमतों में दो महीने के निचले स्तर से 700 रुपये की शानदार वापसी हुई, दिल्ली में यह 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक रुझानों ने बाजार को सहारा दिया, जबकि चांदी स्थिर रही।
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सोने-चांदी का भाव - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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दिल्ली में बुधवार को सोने के भाव दो महीने के निचले स्तर से संभले। निवेशकों की ओर से निचले स्तरों पर खरीदारी करने और वैश्विक बाजार में मजबूत रुझान के कारण सोने की कीमतों में वृद्धि हुई। 10 ग्राम सोने की कीमत 700 रुपये बढ़कर 1.49 लाख रुपये हो गई। वहीं, चांदी के दाम लगातार दूसरे सत्र में स्थिर बने रहे।

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स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला पीला धातु दो सत्रों की गिरावट के बाद चढ़ा। मंगलवार के बंद भाव 1,48,600 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर यह 1,49,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इसमें सभी कर शामिल हैं। चांदी की कीमत लगातार दूसरे सत्र में 2.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रही। इसमें भी सभी कर शामिल हैं। ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमन के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने बताया कि हाल की गिरावट के बाद व्यापारियों की मूल्य खरीदारी से सोने की कीमतों में सुधार हुआ। हालांकि, अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव ने सोने की कीमतों में अधिक उछाल को सीमित रखा।

वैश्विक बाजार में सोने पर क्या रुझान?

वैश्विक बाजारों में, हाजिर सोना मामूली रूप से बढ़कर 4,190 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी 1.28 फीसदी गिरकर 60.68 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गई। आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड की कमोडिटीज और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने इस पर टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि सोना 4,195 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के आसपास बना हुआ था। सितंबर माह के अंत तक यह 5 फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ समाप्त होने की राह पर था। यह स्थिति सहायक कारकों और लगातार बाधाओं के बीच चल रही खींचतान को दर्शाती है।

कच्चे तेल और बढ़ती महंगाई का क्या असर?

कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में कमी आई है। यह कमी सऊदी अरब द्वारा एक प्रमुख पाइपलाइन के माध्यम से आपूर्ति बढ़ाने के बाद हुई है। इस कदम से महंगाई संबंधी कुछ चिंताएं कम हुई हैं। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर भी सोने के बाजार पर पड़ा है। यह एक महत्वपूर्ण कारक है जो निवेशकों के रुझान को प्रभावित करता है और सोने की कीमतों पर दबाव डालता है।

चीन की मांग और भविष्य की मांग पर विशेषज्ञ क्या कह रहे?

नार्वेकर ने आगे कहा कि गुरुवार से चीन का 'गोल्डन वीक' शुरू हो रहा है। यह आमतौर पर आभूषणों की मांग को बढ़ाता है। इससे सोने की कीमतों को कुछ समर्थन मिल सकता है। चीन दुनिया में सोने का एक बड़ा उपभोक्ता है। त्योहारों के दौरान वहां मांग बढ़ने से वैश्विक कीमतों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह आने वाले दिनों में सोने के बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है।

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