सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन भारी मुनाफावसूली दिखी। वैश्विक तनाव में थोड़ी नरमी के संकेतों के बीच शुक्रवार को घरेलू सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में चांदी की कीमतें 13,000 रुपये तक लुढ़क गईं, जबकि सोना भी अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ गया। हालांकि, भारतीय बाजार बंद होने दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव और रिकवरी का दौर देखा गया।
क्या है इस उठापटक की वजह?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस अस्थिरता के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में चल रही बातचीत और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता है।
मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा ने कीमती धातुओं को सहारा दिया है, लेकिन अमेरिका-ईरान वार्ता में किसी सफलता की उम्मीद ने कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी को सीमित कर दिया है। उन्होंने कहा कि ओमान में चल रही बैठक और अमेरिकी मौद्रिक नीति की भावी दिशा के कारण बुलियन कॉम्प्लेक्स में भारी अस्थिरता जारी है।
बाजार की मौजूदा चाल यह संकेत देती है कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम और आर्थिक डेटा के बीच रस्साकशी जारी रहेगी। जहां घरेलू निवेशक अभी मुनाफा काटने के मूड में हैं, वहीं वैश्विक बाजार में हर खबर पर तीखी प्रतिक्रिया मिल रही है।