वैश्विक बाजारों में मजबूत रुझानों के चलते शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 100 रुपये बढ़कर 98,750 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹100 की बढ़त के साथ ₹98,300 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमतों में शुक्रवार को ₹2,000 की तेज गिरावट दर्ज की गई और यह ₹99,200 प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई।
सर्राफा संघ के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों के मजबूत रुख और अमेरिकी राजकोषीय नीति को लेकर जारी चिंताओं ने सर्राफा की मांग को समर्थन देना जारी रखा है। हालांकि, शुक्रवार को चांदी की कीमत 2,000 रुपये फिसलकर 99,200 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। बृहस्पतिवार को चांदी 1,01,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
वैश्विक मोर्चे पर, हाजिर सोना 35.46 डॉलर यानी 1.08 प्रतिशत बढ़कर 3,330.23 डॉलर प्रति औंस हो गया। कोटक सिक्योरिटीज में एवीपी (जिंस शोध) कायनात चैनवाला ने कहा, ‘‘अमेरिका में राजकोषीय चिंताओं के बीच अप्रैल के मध्य के बाद से सोने में सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई।’’ एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी के अनुसार, बाजार प्रतिभागियों को अमेरिका में जारी होने वाले प्रमुख आंकड़ों की प्रतीक्षा है। इसमें नए घरों की बिक्री का आंकड़ा शामिल है...इससे सोने की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना है।
भारत का विदेश मुद्रा भंडार घटा
विदेशी मुद्रा भंडार 16 मई को समाप्त सप्ताह में 4.89 अरब डॉलर घटकर 685.73 अरब डॉलर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इसके एक सप्ताह पहले कुल विदेशी मुद्रा भंडार 4.55 अरब डॉलर बढ़कर 690.62 अरब डॉलर हो गया था।
सितंबर, 2024 के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 704.88 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 16 मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का एक प्रमुख हिस्सा विदेशी मुद्रा आस्तियां 27.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 581.65 अरब डॉलर हो गईं।
डॉलर के संदर्भ में उल्लेखित विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है। समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 5.12 अरब डॉलर घटकर 81.22 अरब डॉलर रह गया। इससे पिछले सप्ताह में इसमें समीक्षाधीन सप्ताह में 4.52 अरब डॉलर का तेज उछाल आया था।