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Gold Silver Price: अमेरिका-ईरान तनाव घटने से सोने में 800 रुपये का उछाल, चांदी 5000 रुपये लुढ़की

Tue, 19 May 2026 08:15 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से दिल्ली में सोने के दाम 800 रुपये बढ़कर 1,63,600 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए, जबकि चांदी 5000 रुपये गिरकर 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। भू-राजनीतिक स्थिरता और मोलभाव करके खरीदारी ने सोने को सहारा दिया, लेकिन वैश्विक ब्याज दरों की अनिश्चितता बनी हुई है।
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सोने-चांदी का भाव - फोटो : PTI
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विस्तार
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राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को सोने के दाम 800 रुपये बढ़ गए। अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से खरीदारी को बढ़ावा मिला। हालांकि, चांदी की कीमतों में 5000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय बाजार के कारोबारियों के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,63,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह सोमवार के बंद भाव 1,62,800 रुपये प्रति 10 ग्राम से 800 रुपये अधिक है। दूसरी ओर, चांदी की कीमतें 5,000 रुपये घटकर 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं।

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औद्योगिक मांग में कमजोरी और वैश्विक बाजारों में सुस्त रुझान के कारण चांदी में यह गिरावट आई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीदों से सोने को समर्थन मिला। इससे ऊर्जा-आधारित महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले को स्थगित करने की बात कही थी। इससे राजनयिक समाधान की संभावना बढ़ी। भू-राजनीतिक तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में भी थोड़ी कमी आई।

सोने में उछाल के कारण
भू-राजनीतिक तनाव में कमी से कीमती धातुओं को समर्थन मिला। पिछले शुक्रवार की भारी बिकवाली के बाद मोलभाव करके खरीदारी हुई। शॉर्ट कवरिंग ने भी कीमती धातुओं की हालिया रिकवरी में योगदान दिया। सौमिल गांधी ने बताया कि इन सभी कारकों से सोने की कीमतों में वृद्धि हुई।
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भविष्य की संभावनाएं और अस्थिरता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 0.47 फीसदी की गिरावट के साथ 4,544.78 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। मीराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट समिति की बैठक के कार्यवृत्त का इंतजार कर रहे हैं। इससे ब्याज दर चक्र और बुलियन कीमतों पर इसके प्रभाव के बारे में संकेत मिलेंगे। सिंह ने कहा कि वैश्विक ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण बुलियन कीमतें निकट भविष्य में अस्थिर रह सकती हैं।

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