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Gold Price: दूसरी छमाही में सोने की कीमतें बढ़ने की संभावना, फिर एक लाख रुपये तक पहुंच सकता है आंकड़ा

Sat, 05 Jul 2025 05:22 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईसीआईसीआई बैंक की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले महीनों में सोने की कीमत बढ़ने की उम्मीद है। यह संभावित रूप से 96,500 से 98,500 रुपये प्रति 10 ग्राम की मौजूदा सीमा से बढ़कर एक लाख रुपये के स्तर की ओर बढ़ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार जून में घरेलू सोने की कीमतों में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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सोने की कीमतों में उछाल की संभावना - फोटो : ANI
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विस्तार
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घरेलू सोने का भाव साल 2025 की दूसरी छमाही में एक लाख तक बढ़ने की संभावना है। आईसीआईसीआई बैंक ग्लोबल मार्केट्स की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। वैश्विक हालातों के विपरीत, जून में घरेलू सोने की कीमतों में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह रुपये में 0.2 प्रतिशत की मामूली गिरावट के कारण हुई। 

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सोने के आयत में गिरावट आई

मात्रा के लिहाज से, सोने के आयात में क्रमिक आधार पर गिरावट आई है। यह दर्शाता है कि ऊंची कीमतों के जवाब में मांग कमजोर हो रही है। मई में 2.5 अरब डॉलर के सोने का आयात दर्ज किया गया, जबकि पिछले महीने यह 3.1 अरब डॉलर था। मई में निवेश की मांग मजबूत रही।

मई  में ईटीएफ में 2.92 अरब रुपये का शुद्ध निवेश हुआ
एएमएफआई के आंकड़ों से पता चला है कि लगातार दो महीनों की निकासी के बाद मई में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में 2.92 अरब रुपये का शुद्ध निवेश हुआ। यह स्थानीय बाजारों में पीली धातु की मजबूत निवेश-संबंधी मांग को दर्शाता है। वैश्विक मोर्चे पर, सोने की कीमतों में क्रमिक गिरावट के बावजूद पीली धातु के लिए निवेश मांग मजबूत बनी रही, जो ईटीएफ प्रवाह से भी स्पष्ट है। सोने में एसपीडीआर ईटीएफ प्रवाह 1 जून 2025 तक 930 टन से बढ़कर 1 जुलाई 2025 तक 948 टन हो गया।

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हाल के महीनों में, सोने की कीमतों में तेजी रुक गई है, क्योंकि पिछले महीने कीमतें स्थिर रहीं, जो सुरक्षित निवेश की मांग में आई कमी को दर्शाता है। हालांकि, 2025 में ईयर-टू-डेट आधार पर कीमतें 28 प्रतिशत अधिक रहीं। 

युद्ध विराम और व्यापार समझौते ने सोने की मांग को सीमित किया

रिपोर्ट में कहा गया कि इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध विराम ने जोखिम की भावना में सुधार किया। इससे पीली धातु की मांग और कम हो गई। साथ ही, बाजार अमेरिका और अन्य देशों के साथ व्यापार सौदों पर सहमत होने की स्थिति में हैं। यह टैरिफ लागू करने की जरूरत को सीमित करेगा। 

अमेरिका पहले ही ब्रिटेन और वियतनाम के साथ समझौतों पर सहमत हो चुका है, जबकि जापान, भारत और यूरोपीय संघ जैसे अन्य देशों के साथ वार्ता में काफी प्रगति हुई है। इसके अलावा, अमेरिका और चीन एक व्यापार समझौते की रूपरेखा पर भी सहमत हो गए हैं, जो संभवतः अगस्त तक पूरा हो जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार भू-राजनीतिक तनाव में सुधार और व्यापार युद्ध 2.0 के प्रभाव में कमी आने की उम्मीदों ने सोने की कीमतों में आने वाली तीव्र वृद्धि को सीमित कर दिया है। निवेश संबंधी मांग ने सोने की कीमतों को बढ़ावा देना जारी रखा है क्योंकि आभूषणों की मांग में नरमी देखी गई है। 

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