कोरोना काल में सोने ने निवेशकों को काफी आकर्षित किया। सात अगस्त को सोना अपने उच्चतम स्तर पर था। जून से लेकर सात अगस्त तक पीली धातु की कीमत 12,000 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ी। लेकिन पिछले 26 दिनों में भोपाल में सोना 7200 रुपये सस्ता हुआ है।
दरअसल कोरोना काल में निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने में निवेश कर रहे थे। इसलिए भारी मांग के कारण इसके दाम में जोरदार इजाफा देखा गया।
रूसी वैक्सीन से बदला रुख
11 अगस्त को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आधिकारिक तौर पर यह दावा किया था कि उनके वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के खिलाफ कारगर वैक्सीन तैयार कर ली है, जिसे 'स्पूतनिक-वी' नाम दिया गया। इसके बाद निवेशक सोने से पैसा निकालकर दोबारा शेयर बाजार में निवेश करने लगे।
गिरावट के मुख्य कारण
- जैसे ही शेयर बाजार में रिकवरी लौटी, सोने की मांग में कमी आई। इसकी वजह से वैश्विक बाजार में सोना 1900 डॉलर प्रति औंस से कम होकर 1865 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
- निवेशक मुनाफावसूली के लिए बिकवाली करने लगे, जिससे सोने में गिरावट का रुख बना।
- अमेरिका में प्रॉपर्टी के बिक्री आंकड़ों में सुधार आने से गोल्ड मार्केट में सेंटिमेंट बदले और पीली धातु की कीमतों पर दबाव डला।
त्योहारी सीजन में फिर बढ़ सकते हैं दाम
हालांकि विसेषज्ञों का कहना है कि कुछ समय तक कीमतों में दबाव जारी रहेगा। इस महीने कीमत पांच से छह फीसदी कम हो सकती है। लेकिन जैसे ही त्योहारी सीजन शुरू होगा, सोने की कीमत में फिर से बढ़त देखने को मिलेगी। ऐसे में बढ़ती कीमतों के चलते दिवाली तक सोना नया रिकॉर्ड बना सकता है।
भोपाल में सात अगस्त से लेकर अब तक सोने की कीम 12.76 फीसदी कम हुई है।
| तारीख |
कीमत (रुपये प्रति 10 ग्राम में) |
| 1 जून |
46,000 |
| 1 जुलाई |
50,000 |
| 7 अगस्त |
58,000 |
| 10 अगस्त |
57,500 |
| 11 अगस्त |
56,500 |
| 15 अगस्त |
53,500 |
| 20 अगस्त |
52,400 |
| 25 अगस्त |
51,600 |
| 26 अगस्त |
51,200 |
| 27 अगस्त |
50,900 |
| 2 सितंबर |
51,000 |
| 3 सितंबर |
50,600 |