अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी आई गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी पीली धातु सस्ती हुई है, जिसका असर घरेलू बाजार में देखने को मिला। सोना 1,719 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गया। वहीं वैश्विक वायदा भाव कॉमेक्स पर सोना 1,733 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है। अभी सोना 1,750 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गया है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
- इंटरनेशनल एंड कमोडिटी एट कैपिटल एडवाइजर क्षितिज पुरोहित ने कहा कि फिलहाल सोना साइडवे ट्रेंड कर रहा है। यानी इसकी कीमत में कोई भारी बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। एमसीएक्स बाजार में सोना 45600 से 45800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक रह सकता है।
- केडिया एडवायजरी के एमडी अजय केडिया ने कहा कि आने वाले समय में सोना 44,500 से 45000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रहेगा। इसकी कीमत 45000 रुपये से नीचे आ सकती है।
- कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया में कोरोना को रोकने के लिए टीकाकरण का काम शुरू हो गया है। लोग ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं। ऐसे में निवेशकों सोने की ओर आकर्षित होंगे क्योंकि यह सबसे सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है।
पिछले साल 25 फीसदी बढ़ा सोना, चांदी में 50 फीसदी उछाल
कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों और सरकारों द्वारा राजकोषीय उपायों ने पिछले साल कुल मिलाकर सोने की कीमतों में 25 फीसदी से अधिक की वृद्धि आई थी, जबकि चांदी लगभग 50 फीसदी बढ़ गई थी। सोने को मुद्रास्फीति और मुद्रा में आई गिरावट के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है। हाल के महीनों में सोना लगातार सस्ता हो रहा है।
बीते साल 35 फीसदी घटी सोने की मांग, 2021 में सुधार की उम्मीद
देश की सोने की मांग बीते साल यानी 2020 में 35 फीसदी से अधिक घटकर 446.4 टन रह गई। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। डब्ल्यूजीसी की 2020 की सोने की मांग के रुख पर रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन और बहुमूल्य धातुओं के दाम अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बीच सोने की मांग में गिरावट आई। हालांकि, इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि अब स्थिति सामान्य हो रही है और साथ ही सतत सुधारों से उद्योग मजबूत हुआ है। ऐसे में इस साल 2021 में सोने की मांग में सुधार की उम्मीद है।