वैश्विक बाजार में मजबूत रुख के बीच सोमवार को दिल्ली में सोना 580 रुपये की तेजी के साथ 97,030 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने इसकी पुष्टि की है। शुक्रवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 96,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर के भाव पर बंद हुआ था।
अबांस फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिंतन मेहता ने कहा, "इसी समय, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.5 प्रतिशत के करीब पहुंच रही है, जो शुक्रवार को आई तेजी को और बढ़ा रही है, जब रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग को Aaa से घटाकर Aa1 कर दिया था।"
मेहता ने कहा कि इस कदम से सोने में रुचि फिर से जागृत हुई है, क्योंकि निवेशक अमेरिकी ट्रेजरी बिलों में निवेश कम कर रहे हैं और सुरक्षित परिसंपत्ति की तलाश कर रहे हैं। इसके अलावा, चांदी भी 500 रुपये बढ़कर 98,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई। शुक्रवार को चांदी 98,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के उपाध्यक्ष (ईबीजी- कमोडिटी व करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर ने कहा, "सप्ताह के दौरान ध्यान अमेरिकी वृहद आर्थिक आंकड़ों जैसे विनिर्माण/सेवा पीएमआई और आवास आंकड़ों पर रहेगा।"
आंकड़ों के जारी होने से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के भावी मौद्रिक नीति चक्र को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, 2025 के अंत तक सोने की कीमत 3,700 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस तक बढ़ जाएगी, क्योंकि केंद्रीय बैंक हर महीने कई टन कीमती धातु खरीदना जारी रखेंगे।
इससे कमोडिटी की कीमत में भी उछाल आने की संभावना है, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और बढ़ती मंदी की चिंताओं के बीच ईटीएफ निवेशक अपनी होल्डिंग बढ़ा रहे हैं। निवेश बैंकिंग फर्म गोल्डमैन सैक्स ने एक नोट में कहा कि मंदी की स्थिति में सोने की कीमत 3,880 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।