स्टॉकिस्टों की बिकवाली से सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 200 रुपये की गिरावट के साथ 1,00,170 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। वहीं, चांदी की कीमतें 1,15,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर स्थिर रहीं। आइए जानते हैं सर्राफ बाजार का हाल विस्तार से।
वैश्विक बाजारों में मंदी के रुख के बीच स्टॉकिस्टों की बिकवाली से सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 200 रुपये की गिरावट के साथ 1,00,170 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने इसकी पुष्टि की। शुक्रवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली यह बहुमूल्य धातु 1,00,370 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी।
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 150 रुपये गिरकर 99,900 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गया। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,00,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इस बीच, चांदी की कीमतें 1,15,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर स्थिर रहीं। वैश्विक बाजारों में न्यूयॉर्क में सोना 0.26 प्रतिशत गिरकर 3,363.45 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज एवं करेंसी प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा, "सोने में सोमवार को गिरावट देखी जा रही है और यदि अमेरिकी रोजगार बाजार कमजोर होता है तो इसमें सकारात्मक रुझान रहने की उम्मीद है, क्योंकि ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ गई है।" हाजिर चांदी भी 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38.78 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
विज्ञापन
मेहता इक्विटीज़ के कमोडिटीज़ के उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री ने कहा, "पिछले हफ़्ते जैक्सन होल संगोष्ठी में अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल की नरम रुख़ वाली टिप्पणियों के बाद सोने और चाँदी की कीमतों में तेजी से उछाल आया। पॉवेल ने संकेत दिया कि केंद्रीय बैंक दिसंबर के बाद पहली बार ब्याज दरों में जल्द ही कटौती कर सकता है।" आगामी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की FOMC बैठक 16-17 सितंबर को निर्धारित है।
हालांकि, कलंत्री ने कहा कि मुद्रास्फीति की लगातार चिंता और सुस्त आर्थिक गतिविधि के कारण ब्याज दरों में आक्रामक कटौती नहीं हो सकती है। ऐसा होने से कीमती धातुओं में आगे की तेजी पर रोक लग सकती है। ऑग्मोंट में अनुसंधान प्रमुख रेनिशा चैनानी के अनुसार, निवेशक दूसरी तिमाही के लिए अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद के प्रारंभिक आंकड़े पर बारीकी से नजर रखेंगे। यह आंकड़ा गुरुवार को जारी होने वाला है। इससे फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के रुख और बुलियन भावना के बारे में अनुमान मिलेंगे।