ई-वाहनों और ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग के बावजूद 2024 में लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और निकल जैसी बैटरी धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्लोबल रिपोर्ट के मुताबिक, आपूर्ति बढ़ने से दाम गिरे हैं, खासकर चीन, कांगो और इंडोनेशिया जैसे देशों के कारण।
दुनियाभर में बैटरियों के लिए जरूरी खनिजों और धातुओं खासकर लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और निकल जैसे तत्वों की मांग 2024 में तेजी से बढ़ी। ये धातुएं ई-वाहनों, सौर और पवन ऊर्जा सिस्टमों में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों के लिए जरूरी हैं। इसके बावजूद इन धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण खनिजों की आपूर्ति बढ़ना
ग्लोबल क्रिटिकल मिनरल्स आउटलुक 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, लिथियम की कीमतें 2021-22 में आठ गुना बढ़ी थीं, अब उनमें 80 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। कोबाल्ट, ग्रेफाइट और निकल के दाम भी 10 से 20 फीसदी तक घटे हैं। कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण इन खनिजों की आपूर्ति बढ़ना है।
पिछले दशक की तुलना में दोगुनी रफ्तार से बढ़ी धातुओं की आपूर्ति
चीन, इंडोनेशिया और कांगो जैसे देशों ने इनका खनन-उत्पादन तेजी से बढ़ाया है। 2020 के बाद से बैटरी में इस्तेमाल होने वाली धातुओं की आपूर्ति पिछले दशक की तुलना में दोगुनी रफ्तार से बढ़ी।