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Market: अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीदों से वैश्विक बाजारों में उछाल, कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट

Mon, 25 May 2026 03:20 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से शेयर बाजारों में आई तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का विस्तृत विश्लेषण पढ़ें। बाजार के अगले रुख के लिए अभी क्लिक करें।
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वैश्विक बाजार में राहत - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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वैश्विक शेयर बाजारों में सोमवार को शानदार तेजी देखने को मिली है, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में चार डॉलर से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह सकारात्मक रुख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने की बातचीत आगे बढ़ रही है। इस भू-राजनीतिक घटनाक्रम ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताओं को कम किया है।

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शांति समझौते की ओर बढ़ते कदम
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, ईरान के साथ बातचीत "व्यवस्थित और रचनात्मक तरीके से" चल रही है। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान एक समझौते पर पहुंचने के काफी करीब हैं। इस संभावित समझौते के तहत तीन प्रमुख बातें सामने आ रही हैं: युद्ध की समाप्ति, होर्मुज जलडमरूमध्य का दोबारा खुलना और ईरान की ओर से अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार को छोड़ने पर सहमत होना।। 

वैश्विक शेयर बाजारों का हाल
शांति समझौते की इन उम्मीदों का सीधा असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर दिखा:

  • एशियाई बाजार: जापान का बेंचमार्क निक्केई 225 लगभग तीन प्रतिशत का भारी उछाल दर्ज करते हुए 65,158.19 के स्तर पर बंद हुआ। 
  • ऑस्ट्रेलिया: सूचकांक 0.4 प्रतिशत बढ़कर 8,692.00 पर पहुंच गया, जबकि शंघाई कंपोजिट में लगभग एक प्रतिशत की बढ़त देखी गई (4,152.57)। दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजार बुद्ध जयंती के कारण बंद रहे।
  • यूरोपीय बाजार: फ्रांस के सीएसी 40 इंडेक्स में 1.1 प्रतिशत (8,203.32) और जर्मनी के डीएएक्स में 1.0 प्रतिशत (25,148.39) की मजबूती आई। ब्रिटेन के एफटीएसई 100 में भी 0.2 प्रतिशत की बढ़त रही।
  • अमेरिकी बाजार: अमेरिका में मेमोरियल डे के अवकाश के कारण सोमवार को ट्रेडिंग बंद रही। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र (शुक्रवार) में S&P 500 में 0.4 प्रतिशत, डाउ जोंस में 0.6 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।

कच्चे तेल और मुद्रा बाजार पर प्रभाव

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होर्मुज जलडमरूमध्य का दोबारा खुलना कच्चे तेल की कीमतों की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाएगा। युद्ध के कारण इसके बंद होने से तेल टैंकरों का फारस की खाड़ी से निकलना रुक गया था, जिससे दुनिया भर के ग्राहकों तक तेल की आपूर्ति बाधित हो रही थी। जापान जैसे देश, जो अपनी जरूरत का लगभग पूरा तेल आयात करते हैं, उनके लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है।

आपूर्ति बहाल होने की उम्मीदों के चलते, बेंचमार्क अमेरिकी कच्चा तेल 4.77 डॉलर (4 प्रतिशत से अधिक) गिरकर 91.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 4.86 डॉलर टूटकर 98.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। 

मुद्रा बाजार में भी इसका असर दिखा है। अमेरिकी डॉलर जापानी येन के मुकाबले 159.16 येन से कमजोर होकर 158.95 येन पर आ गया, जबकि यूरो की कीमत 1.1605 डॉलर से मजबूत होकर 1.1644 डॉलर हो गई।

विशेषज्ञों का नजरिया
बाजार विश्लेषक स्टीफन इनेस ने अपनी टिप्पणी में कहा, "बाजार तेजी से भू-राजनीतिक डर के मूल्य निर्धारण से बाहर निकलकर संभावित 'शांति लाभांश' की ओर बढ़ रहे हैं। होर्मुज के दोबारा खुलने की उम्मीदों ने तेल और डॉलर दोनों पर दबाव डाला है"।

अमेरिकी कंपनियों की हालिया शानदार कमाई ने विश्लेषकों की उम्मीदों को पार किया है, जिससे बाजारों को अच्छा समर्थन मिल रहा है। हालांकि, युद्ध के लंबा खिंचने के कारण मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं। अब, युद्ध की समाप्ति और प्रमुख व्यापारिक मार्गों के खुलने के संकेतों से आपूर्ति शृंखला के सामान्य होने की उम्मीद है। यह स्थिति न केवल महंगाई को नियंत्रित करने में मदद करेगी, बल्कि आगामी तिमाहियों में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत आउटलुक भी प्रस्तुत करती है।

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