कांग्रेस ने सोमवार को कहा है अदाणी प्रकरण की जांच के लिए सेबी को और छह महीने का समय देने से यह धारणा बनेगी कि इस मामले की जांच गंभीर रूप से नहीं की जा रही है और तथ्यों को छिपाया जा रहाचच है। शेयर बाजार की नियामक संस्था सेबी ने सुप्रीम कोर्ट से जांच के लिए और छह महीने का समय मांगा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी से करवाई जानी चाहिए, साथ ही अदाणी समूह पर लगे अत्यंत गंभीर आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए सेबी की त्वरित जांच भी जरूरी है।
सेबी को 2 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने सौंपा था जांच का जिम्मा, दो महीने में देनी थी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च को सेबी को अदाणी मामले की जांच का जिम्मा सौंपा था और उससे दो महीने में रिपोर्ट मांगी थी। यह समयसीमा दो मई को खत्म हो रही है। इसके साथ ही निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए कोर्ट ने एक पैनल का भी गठन किया था। सेबी की ओर से की गई अपील से जुड़ी एक रिपोर्ट पर बोलते हुए रमेश ने कहा, सेबी को इस मामले की जांच के दौरान अदाणी मेगा स्कैम से जुड़ी कई गड़बड़ियां मिली हैं, ऐसे में इन्हें एक निर्यायक मोड़ पर पहुंचाना जरूरी है।
नियामक ने जांच पूरी करने के लिए और छह महीने का मांगा है समय
उन्होंने कहा कि जांच के लिए और छह महीने का संदेश दिया जाता है तो यह संदेश जाएगा कि जांच गंभीरतापूर्वक नहीं की जा रही है और तथ्यों को छिपाने की कोशिश हो रही है। रमेश पीएम पर हमला करते हुए बोले, "मोदाणी की जांच के लिए जेपीसी का गठन किया जाना चाहिए, साथ ही सेबी को भी त्वरित जांच करनी चाहिए।" बता दें कि सेबी ने जांच पूरा करने के लिए और छह महीने का समय मांगते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।