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Online Education Fraud: ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर 18 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, इस एडटेक कंपनी का CEO गिरफ्तार

Mon, 05 Jun 2023 10:32 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Online Education Fraud: पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि स्कैमर्स ने लगभग 2,000 छात्रों को धोखा दिया, जिससे कुल 18 करोड़ रुपये जुटाए गए। प्रत्येक छात्र का ऋण 2 लाख रुपये से अधिक था। गीकलर्न के संस्थापक और प्रबंध निदेशक कमलापुरम श्रीनिवास कल्याण को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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गीकलर्न सीईओ पीली टी-शर्ट में। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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डेटा साइंस कोर्स ऑफर करने वाली बेंगलुरु स्थित एडटेक कंपनी गीकलर्न के सीईओ को हजारों छात्रों को धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गीकलर्न के सीईओ कमलापुरम श्रीनिवास कल्याण पर छात्रों के नाम पर शैक्षिक ऋण जुटाने और स्वीकृत धन का दुरुपयोग करने का आरोप है। बेंगलुरु पुलिस का अनुमान है कि इस घोटाले से लगभग 2,000 छात्र प्रभावित हुए हैं, जिसमें कुल 18 करोड़ रुपये (2.5 मिलियन डॉलर) की राशि का गबन किया गया है।

2000 छात्र हुए धोखाधड़ी के शिकार, 18 करोड़ की गड़बड़ी के आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि स्कैमर्स ने लगभग 2,000 छात्रों को धोखा दिया, जिससे कुल 18 करोड़ रुपये जुटाए गए। प्रत्येक छात्र का ऋण 2 लाख रुपये से अधिक था। गीकलर्न के संस्थापक और प्रबंध निदेशक कमलापुरम श्रीनिवास कल्याण को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल बताती है कि वह गीकलर्न ब्रांड के तहत तीन अन्य कंपनियों के साथ भी जुड़े हुए हैं, जिनमें- गीकलर्न एचआर, एक मानव संसाधन मंच; गीकलर्न एशिया, एक निष्क्रिय सिंगापुर स्थित इकाई; और गीकलर्न एआई, एक एआई प्लेटफॉर्म है। सीएफओ रमन पीसी और ऑपरेशन हेड अमन को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।

छात्रों के नाम पर लोन लेकर दो महीने बाद बंद किया ईएमआई का भुगतान

घोटाले के तौर-तरीकों में गीकलर्न कथित तौर पर पाठ्यक्रम शुल्क के रूप में छात्रों के नाम पर ऋण ले रहा था। एक प्रभावित छात्र के लिंक्डइन पोस्ट के अनुसार, गीकलर्न को ऋण की किस्तों का भुगतान करना था और छात्र के खाते में "छात्रवृत्ति" के रूप में ऋण ईएमआई जमा करनी थी जब तक कि छात्र को रोजगार नहीं मिल जाता। हालांकि, गीकलर्न ने दो महीने बाद भुगतान करना बंद कर दिया, जिससे छात्रों पर ऋण का बोझ पड़ा।

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