अदाणी समूह पर सितंबर 2022 की तिमाही के अंत में 2.26 लाख करोड़ रुपये का कुल कर्ज था। उसके पास 31,646 करोड़ रुपये की नकदी थी। बता दें कि अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को झूठा करार दिया था। हालांकि, पिछले तीन हफ्ते में समूह की कंपनियों का कुल बाजार मूल्यांकन 125 अरब डॉलर तक गिर चुका है।
अदाणी समूह और हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से जुड़े मामले पर हो रहे विवाद के बीच बड़ी खबर आ रही है। अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में उठापटक का दौर जारी है। इस बीच समूह की ओर से कहा गया है कि उसका बही-खाता बहुत ही अच्छी स्थिति में है। उसकी नजर कारोबार में बढ़त को कायम रखने पर है। अदाणी समूह ने निवेशकों से आश्वस्त रहने की अपील की और कहा कि उसके पास पर्याप्त नकदी है। वह अपने कर्जों को चुकाने की क्षमता रखता है।
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समूह पूरी तरह से आश्वस्त: सीएफओ
समूह के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) जुगशिंदर सिंह ने तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद कहा कि समूह पूरी तरह से आश्वस्त है। हमारा बही-खाता बहुत अच्छी स्थिति में है। मौजूदा बाजार के स्थिर होते ही हम अपनी पूंजी बाजार रणनीति की समीक्षा करेंगे। हम ऐसा कारोबार देने की क्षमता को लेकर भी आश्वस्त हैं, जो शेयरधारकों को तगड़ा रिटर्न दे सकें।
दिसंबर तिमाही में मुनाफा 820 करोड़
अदाणी एंटरप्राइजेज ने मंगलवार को दिसंबर तिमाही के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार समूह को 820 करोड़ रुपये का मुनाफा (Profit After Tax) हुआ है। पिछले वर्ष इसी अवधि में समूह को 12 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। आंकड़ों के अनुसार एक साल पहले की तुलना में दिसंबर 2022 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का राजस्व 42 प्रतिशत बढ़कर 26951 करोड़ रुपये हो गया है।
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24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में लगे आरोप
गौतम अदाणी की अगुवाई वाला यह समूह 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद से ही लगातार दबाव में है। इस पर सीएफओ सिंह ने कहा कि हमारा ध्यान बाजार के इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में अपनी कारोबारी रफ्तार जारी रखने पर हैं। हमें अपने आंतरिक नियंत्रण, नियम अनुपालन और कंपनी संचालन को लेकर भरोसा है।
समूह ने आरोपों को झूठा करार दिया
अदाणी समूह पर सितंबर 2022 की तिमाही के अंत में 2.26 लाख करोड़ रुपये का कुल कर्ज था। उसके पास 31,646 करोड़ रुपये की नकदी थी। बता दें कि अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को झूठा करार दिया था। हालांकि, पिछले तीन हफ्ते में समूह की कंपनियों का कुल बाजार मूल्यांकन 125 अरब डॉलर तक गिर चुका है।