पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि शिवसागर जिले के कुएं नंबर आरडीएस- 147ए से हो रहे गैस रिसाव पर ओएनजीसी ने पूरी तरह नियंत्रण पा लिया है। औएनजीसी बिना किसी जनहानि के कुएं को बंद करने में कामयाब हुई है। 12 जून से कुएं से गैस रिसाव शुरू हुआ, जिसके बाद आसपास के निवासियों को स्थानांतरित होने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने असम के सिवसागर जिले के कुएं नंबर आरडीएस- 147ए के गैस रिसाव को सफलतापूर्वक नियंत्रण कर लिया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह जानकारी दी। मंत्री ने सोशल मीडिाय एक्स पर इससे संबंधित के पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि गैस ब्लोआउट को सुबह 11:15 बजे नियंत्रण किया कर लिया गया। यह रिसाव 12 जून से शुरू हुआ था और सभी बेहतरीन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इसे कम से कम समय में सफलतापूर्वक कैप कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि ओएनजीसी की संकट प्रबंधन टीम ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद से इस यह कार्य पूरी सावधानी, सर्वोत्तम तकनीकों और उच्च स्तरीय सुरक्षा उपायों के साथ बिना किसी चोट, दुर्घटना या आग के संपन्न किया। पेट्रोलियम मंत्री ने जमीनी स्तर पर टीम को सहयोग देने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और राज्य सरकार के अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री हिमंत ने जवाब में कहा कि सबसे बढ़कर मैं शिवसागर के बहादुर पुरुषों और महीलाओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। इन लोगों ने पिछले दो सप्ताहों से असाधारण स्तर की दृढ़ता दिखाई और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ भरपूर सहयोग किया।
16 दिन से हो रहा था गैस रिसाव
12 जून को शिवसागर जिले के बारीचुक भटियापार में ओएनजीसी के कुएं नंबर आरडीएस-147ए में सर्विसिंग ऑपरेशन के दौरान गैस विस्फोट की घटना हुई थी। कुएं से गैस का रिसाव होने लगा, जिससे आसपास के गांव में रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को वहां से स्थानांतरित कर दिया गया। महारत्न ओनजीसी भारत की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी है, जो घरेलू उत्पादन में लगभग 71 प्रतिशत का योगदान देती है।