लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, आम जनता की जेब पर डाका डालते हुए सरकार ने एक साल में 69 बार पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर 4.91 करोड़ रुपये कमाये हैं।
अधीर ने कहा, आम जनता की चिंताओं से बेखबर मोदी सरकार सिर्फ अपना फायदा देख रही है। यही कारण है कि जनवरी से अब तक 69 बार पेट्रोल के दाम बढ़ाए गए। भाजपा सरकार को आम आदमी के दुखों से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने केंद्र सरकार से पेट्रोल कीमतों में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की है। साथ ही पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार से प्रदेश की जनता की सुध लेते हुए छत्तीसगढ़ सरकार का फार्मूला अपनाने और पेट्रोल पर वैट घटाने की अपील की।
राजधानी दिल्ली के बाद यूपी में भी पेट्रोल के कीमत ने सेंचुरी लगाई है। तेल कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल की कीमत 35 पैसे और डीजल के दाम 26 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिये। इसके साथ ही यूपी के रामपुर में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के पार हो गई। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के कांकेर, जाशपुर और नारायणपुर जिलों व नगालैंड के कोहिमा में भी पेट्रोल के दाम 100 रुपये के पार हुए। कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 100.91 रुपये और डीजल 89.88 रुपये में मिलेगा।
पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि और महंगाई के मुद्दे पर मोर्चा संभालने के लिए कांग्रेस अपनी वरिष्ठ नेताओं को उतारने जा रही है। एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ नेता आने वाले दिनों देश के प्रमुख शहरों में प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी बात रखेंगे। इस बार पार्टी ने अभियान में ग्रुप 23 के असंतुष्ट नेताओं को भी शामिल किया है।
कांग्रेस 7 से 17 जुलाई के बीच राज्यों में धरना प्रदर्शन कर रही है। वहीं 19 से शुरू हो रहे मानसून सत्र के लिए पार्टी अपनी रणनीति में विपक्षी दलों को भी शामिल कर विरोध की तैयारी कर रही है। इसे मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के लिए दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और मुंबई में मल्लिकार्जुन खरगे रहेंगे। जबकि आनंद शर्मा जयपुर, कमलनाथ लखनऊ, भूपेश बघेल नागपुर, मनीष तिवारी अहमदाबाद, गुवाहाटी, दिग्विजय सिंह शिमला और सचिन पायलट को देहरादून भेजा जा रहा है।