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ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती: सरकार ने छोड़ा 14,000 करोड़ रुपये का राजस्व, ओएमसी को अब भी नुकसान

Mon, 25 May 2026 08:14 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती कर 14,000 करोड़ रुपये का कर राजस्व उपभोक्ताओं के हित में छोड़ने का दावा किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि तेल विपणन कंपनियां अब भी नुकसान में हैं, जबकि ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
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सुजाता शर्मा - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद एक और बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि केंद्र ने करीब 14,000 करोड़ रुपये का कर राजस्व छोड़ दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कदम उपभोक्ताओं को पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ी ईंधन की कीमतों से राहत देने के लिए उठाया गया था।

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सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल दोनों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि हुई थी। सुजाता शर्मा ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट से भारत का 40 फीसदी कच्चे तेल, 90 फीसदी एलपीजी और लगभग 65 फीसदी प्राकृतिक गैस का आयात प्रभावित हुआ है।

देश में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की शुल्क कटौती से राजकोष पर भारी लागत आई है। तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) अब भी नुकसान उठा रही हैं। शर्मा के अनुसार, ईंधन की कीमतों में हालिया वृद्धि के बावजूद ओएमसी को प्रतिदिन लगभग 600 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

ईंधन आपूर्ति और चुनौतियां

कुछ राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में एलपीजी खुदरा बिक्री केंद्रों पर घबराहट में खरीदारी देखी गई है। इसका मुख्य कारण कृषि और थोक मांग है। शर्मा ने बताया कि ईंधन आपूर्ति की बारीकी से निगरानी की जा रही है। ओएमसी स्तर पर सभी खुदरा बिक्री केंद्रों पर नजर रखी जा रही है। यदि कहीं रुक-रुक कर कमी होती है, तो उसे दूर किया जाएगा। उन्होंने पुष्टि की कि कमी से बचने के लिए पेट्रोल और डीजल का भंडार सभी खुदरा बिक्री केंद्रों पर भर दिया गया है।

एलपीजी और पीएनजी विस्तार

घरेलू एलपीजी उत्पादन प्रतिदिन 50,000 टन तक पहुंच गया है। अधिकारी निर्बाध ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। शर्मा ने यह भी बताया कि पिछले चार दिनों में एलपीजी की डिलीवरी बुकिंग से अधिक हुई है। पीएनजी की आपूर्ति बढ़ाने के मसले पर उन्होंने कहा कि 7.99 लाख पीएनजी कनेक्शन गैसयुक्त किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 2.87 लाख अन्य कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार है।

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