फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अर्थव्यवस्था में सुधार से बढ़ेगी पेट्रोल-डीजल की मांग, अगले वित्त वर्ष में 10 फीसदी की बढ़ोतरी संभव

Wed, 03 Mar 2021 02:09 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
अर्थव्यवस्था में सुधार से बढ़ेगी पेट्रोल-डीजल की मांग - फोटो : iStock
विज्ञापन

तेल मंत्रालय का अनुमान है कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के दौरान भारत के ईंधन खपत में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। उसका मानना है कि अर्थव्यवस्था में सुधार आने की वजह से पेट्रोल और डीजल की मांग में इजाफा होगा। मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) ने कहा कि वर्ष 2021-22 में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत 21 करोड़ 52.4 लाख टन की हो सकती है, जबकि 31 मार्च को समाप्त चालू वित्तवर्ष के लिए संशोधित अनुमान के हिसाब से 19 करोड़ 59.4 करोड़ टन की खपत हुई। 

विज्ञापन


इसलिए हो सकती है इंधन खपत में बढ़ोतरी
यह छह वर्षों में ईंधन उत्पाद की खपत की सबसे तेज गति होगी। अर्थव्यवस्था के अपने खराब संकुचन के दौर से बाहर निकलने और औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने से इंधन खपत के बढ़ने की संभावना है। कोविड-19 महामारी के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए लगाए गए दो महीने से अधिक समय के लॉकडाउन की वजह से मांग आधी से भी कम रह गई थी। अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने से मांग वापस लौटी है लेकिन देश में सबसे अधिक खपत वाला ईंधन- डीजल, महामारी पूर्व के अपने खपत स्तर तक अभी वापस नहीं लौटा है। 

अप्रैल-जनवरी अवधि के दौरान रही 13.5 फीसदी की गिरावट
चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी अवधि के दौरान ईंधन की खपत में 13.5 फीसदी की गिरावट रही। पीपीएसी ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री में 13.3 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया है जबकि जेट ईंधन (एटीएफ) की खपत 74 फीसदी बढ़ रही है। इस दौरान रसोई गैस एलपीजी की मांग 4.8 फीसदी बढ़कर 2.9 करोड़ टन हो गई। वर्ष 2021-22 में पेट्रोल की बिक्री 3.13 करोड़ टन होने का अनुमान है जबकि डीजल की बिक्री बढ़कर आठ करोड़ 36.7 लाख टन हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें