कानूनी तंबाकू उत्पादों पर टैक्स में भारी बढ़ोतरी को लेकर फेडरेशन ऑफ रिटेलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफआरएआई) ने गहरी चिंता जताई है। संगठन ने सरकार से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील करते हुए कहा है कि इससे छोटे रिटेलरों को नुकसान होगा और अवैध कारोबारियों को बाजार में बढ़त मिल सकती है।
एफआरएआई ने बयान में कहा कि इस फैसले से छोटे दुकानदारों, फुटपाथ विक्रेताओं और फेरीवालों में भारी बेचैनी है, जिनकी आजीविका काफी हद तक रोजमर्रा की खपत वाले उत्पादों, खासकर तंबाकू पर निर्भर करती है। संगठन का दावा है कि वह करीब 80 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम रिटेलरों का प्रतिनिधित्व करता है।
संगठन ने कहा कि व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली श्रेणी में अचानक कीमत बढ़ने से अन्य क्षेत्रों में महंगाई में आई नरमी का लाभ भी खत्म हो जाता है और GST 2.0 जैसे सुधारों से बनी सकारात्मक धारणा कमजोर पड़ती है।
हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि वह कराधान या सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों का विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन उसने सरकार से करों को संतुलित, राजस्व-तटस्थ और कीमतों में स्थिरता बनाए रखने वाला बनाने की मांग की है।