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RBI: एफपीआई सूचीबद्ध कंपनी में ऐसे रख सकेंगे 10% से अधिक की हिस्सेदारी, आरबीआई लाया नया फ्रेमवर्क

Mon, 11 Nov 2024 08:39 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Reserve Bank of India: अब तक के नियम के अनुसार एफपीआई की ओर से किया गया निवेश पूरी तरह से कुल चुकता इक्विटी पूंजी के 10 प्रतिशत से कम होता है। आरबीआई अब एफपीआई की ओर से विदेशी पोर्टफोलियो निवेश को एफडीआई में बदलने से जुड़ा नया ढांचा लेकर आई है। आइए इस बारे में जानें।
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भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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किसी कंपनी में निर्धारित 10 प्रतिशत की सीमा से अधिक निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) के पास अपनी हिस्सेदारी बेचने या ऐसी हिस्सेदारी को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के रूप में पुनर्वर्गीकृत करने का विकल्प होगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को यह एलान किया।

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अब तक के नियम के अनुसार एफपीआई की ओर से किया गया निवेश पूरी तरह से कुल चुकता इक्विटी पूंजी के 10 प्रतिशत से कम होता है। एफपीआई की ओर से विदेशी पोर्टफोलियो निवेश को एफडीआई में बदलने के लिए आरबीआई ने सोमवार को एक नए फ्रेमवर्क का एलान किया।

इसके अनुसार, यदि एफपीआई अपने विदेशी पोर्टफोलियो निवेश को एफडीआई में पुनर्वर्गीकृत करने का इरादा रखता है, तो एफपीआई को सरकार और संबंधित भारतीय निवेशित कंपनी से अनुमोदन/सहमति हासिल करनी होगी।
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आरबीआई के अनुसार एफपीआई को किसी कंपनी में रखे गए मौजूदा विदेशी पोर्टफोलियो निवेश को एफडीआई में पुनर्वर्गीकृत करने के अपने इरादे को भी स्पष्ट रूप से व्यक्त करना होगा और आवश्यक अनुमोदन और सहमति की एक प्रति प्रदान करनी होगी। आरबीआई ने कहा कि एक बार जब अतिरिक्त एफपीआई को एफडीआई के रूप में माना जाता है, तो इसे एफडीआई के रूप में माना जाता रहेगा, भले ही निवेश बाद में दस प्रतिशत से नीचे के स्तर पर आ जाए।

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