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Forex Reserve: देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.36 अरब डॉलर बढ़ा, जानिए क्या कहते हैं रिजर्व बैंक के आंकड़े

Fri, 26 Dec 2025 05:56 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Forex Reserve: साल 2025 के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने की खबर है। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद, भारत के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं। आइए जानते हैं क्या कहते हैं आरबीआई आंकडे।
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विदेशी मुद्रा भंडार - फोटो : Agency
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विस्तार
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भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर इजाफा हुअआ है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 19 दिसंबर को समाप्त के दौरान देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.368 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 693.318 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।

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इससे पहले के सप्ताह में यह भंडार 1.689 अरब डॉलर की बढ़ोतरी के साथ 688.949 अरब डॉलर पर था। यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, लेकिन भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति और आरबीआई की सतर्क नीतियों ने भंडार को मजबूती प्रदान की है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार से रुपये की स्थिरता सुनिश्चित होती है और आयात तथा बाहरी कर्ज चुकाने में आसानी होती है।आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, भंडार का प्रमुख हिस्सा विदेशी मुद्रा संपत्तियां हैं, जो इस सप्ताह 1.641 अरब डॉलर बढ़कर 559.428 अरब डॉलर हो गईं। इन संपत्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्यांकन में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल होता है। 
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सोने के भंडार में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस सप्ताह भंडार के सोने का मूल्य 2.623 अरब डॉलर बढ़कर 110.365 अरब डॉलर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी ने इस बढ़ोतरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 8 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.744 अरब डॉलर हो गए। 

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की आरक्षित स्थिति भी 9.5 करोड़ डॉलर की वृद्धि के साथ 4.782 अरब डॉलर पर पहुंच गई। आरबीआई के अधिकारी इस वृद्धि को सकारात्मक मानते हैं, क्योंकि यह अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति के दबाव के बीच भंडार को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले हफ्तों में बाजार की नजर आरबीआई की अगली रिपोर्ट पर रहेगी, जो अर्थव्यवस्था के रुझानों को और स्पष्ट करेगी।
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