अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा कोष 645 बिलियन अमरीकी डालर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। उसके बाद भंडार में गिरावट दर्ज की गई क्योंकि केंद्रीय बैंक ने वैश्विक मंदी की आशंका के बीच रुपये को कमजोर होने से बचाने के लिए अपने फॉरेन रिजर्व का इस्तेमाल किया।
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) जो कि कुल विदेशी मुद्रा भंडार का एक प्रमुख घटक है 9 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 3.141 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 500.125 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। डॉलर के संदर्भ में अभिव्यक्त विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी इकाइयां शामिल हैं, जिनकी बढ़त या मूल्यह्रास के प्रभाव की गणना की जाती है।
वहीं नौ दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश का स्वर्ण भंडार 29.6 करोड़ डॉलर घटकर 40.729 अरब डॉलर रह गया। शीर्ष बैंक ने कहा कि इस दौरान विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 6.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.106 अरब डॉलर हो गया। आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में देश की आरक्षित स्थिति भी 20 लाख डॉलर बढ़कर 5.11 अरब डॉलर हो गई।