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FTA: विदेश मंत्री ने एफटीए को बताया भारत-ईयू रिश्तों का टर्निंग पॉइंट, ब्रुसेल्स में हुई अहम बैठक

Tue, 17 Mar 2026 12:51 PM IST
Riya Dubey बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर के ब्रुसेल्स दौरे में भारत-ईयू संबंधों को नई दिशा मिली। उन्होंने यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर हालिया एफटीए को टर्निंग पॉइंट बताया, जिससे व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग में बड़े अवसर खुलेंगे।
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एस जयशंकर, विदेश मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रुसेल्स दौरे के दौरान यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष नेताओं और विदेश मंत्रियों के साथ व्यापक बातचीत की। इस दौरान हाल ही में अंतिम रूप दिए गए भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को द्विपक्षीय संबंधों में टर्निंग पॉइंट बताया गया।

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जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने ईयू फॉरेन अफेयर्स काउंसिल के सदस्यों से मुलाकात की, साथ ही यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ईयू की विदेश व सुरक्षा नीति प्रमुख काजा कैलास के साथ भी चर्चा की। इसके अलावा कई देशों के समकक्ष मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं।

एफटीए से भारत और ईयू के बीच खुलेंगे संभावनाओं के द्वार

उन्होंने कहा कि एफटीए से भारत और ईयू के बीच विशाल आर्थिक संभावनाओं के द्वार खुलेंगे और यह साझेदारी को नई रणनीतिक दिशा देगा। जयशंकर ने जोर दिया कि इस समझौते के वास्तविक लाभ जमीन पर उतारने के लिए दोनों पक्षों को व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय सहयोग करना होगा।

तकनीकी सहयोग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (TTC) को और प्रभावी बनाकर अत्याधुनिक और महत्वपूर्ण तकनीकों में साझेदारी को मजबूत किया जा सकता है। सप्लाई चेन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जोखिम कम करना और लचीलापन बढ़ाना दोनों पक्षों का साझा लक्ष्य है, और FTA से गहरे व्यापारिक संबंध विकसित होंगे।

कौशल और प्रतिभा का प्रवाह बढ़ाना जरूरी

टैलेंट मोबिलिटी को अहम बताते हुए जयशंकर ने कहा कि कौशल और प्रतिभा का प्रवाह बढ़ाना जरूरी है। भारत में लीगल गेटवे ऑफिस की स्थापना को उन्होंने सकारात्मक कदम बताया और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) को बढ़ावा देने की बात कही।

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सुरक्षा सहयोग पर उन्होंने कहा कि भारत और EU सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे और सूचना सुरक्षा समझौते को जल्द अंतिम रूप देने का प्रयास करेंगे। कनेक्टिविटी के मुद्दे पर उन्होंने IMEC जैसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इन्हें व्यावहारिक रूप देने के लिए मिलकर काम किया जाएगा।

जयशंकर ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में, जहां बहुपक्षीय संस्थाएं दबाव में हैं, भारत और ईयू मिलकर वैश्विक स्थिरता और संतुलन को मजबूत करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने इसे अनिश्चित और बहुध्रुवीय दुनिया में स्थिरता और लचीलापन देने वाली साझेदारी बताया।
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