विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अक्तूबर में भारतीय शेयर बाजार में 1586 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। मजबूत अमेरिकी डॉलर सूचकांक, कमजोर रुपये और मौद्रिक नीति के कड़े होने के बीच लगातार दूसरे महीने वे शुद्ध विक्रेता (नेट सेलर) बन गए हैं।
हालांकि बीते सप्ताह भारतीय शेयर सूचकांकों के निवेशकों को बड़ा रिटर्न देने के साथ फंड के बहिर्वाह की मात्रा में काफी गिरावट आई है। पिछले 10 सत्रों में से नौ के दौरान भारतीय शेयर सूचकांक हरे निशान पर बंद हुए।
नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड के आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर में विदेशी निवेशकों (Foreign Institutional Investors) ने भारत में 7,624 करोड़ रुपये की इक्विटी बेचे हैं। 2022 में अब तक उन्होंने संचयी आधार पर 1,70,375 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने बीते एक वर्ष से भारतीय बाजारों में इक्विटी की बिकवाली कर रहे हैं, यह सिलसिला पिछले वर्ष अक्तूबर में अलग-अलग कारणों से शुरू हुआ था। इस बीच सिर्फ जुलाई और अगस्त महीने में वे शुद्ध खरीदार रहे।