रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। उन्होंने टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस के सह-संस्थापक झांग यिमिंग को पीछे छोड़ा है। फोर्ब्स की रियल-टाइम अरबपतियों की सूची के अनुसार, मंगलवार को अंबानी की कुल संपत्ति 88.7 अरब डॉलर हो गई। इस बढ़ोतरी के साथ वह दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 22वें स्थान पर पहुंच गए हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने अंबानी की संपत्ति में इस उछाल को सहारा दिया है। सोमवार को कंपनी के शेयर करीब 12 फीसदी तक उछल गए थे। यह छह साल से ज्यादा समय में रिलायंस के शेयरों की सबसे बड़ी एकदिनी तेजी रही।
अंबानी से पीछे कौन?
एशिया के शीर्ष रईसों की सूची में अब मुकेश अंबानी पहले स्थान पर हैं। बाइटडांस के झांग यिमिंग 84 अरब डॉलर की कुल संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। संपत्ति के मामले में दुनिया के अमीरों की सूची में वह 25वें स्थान पर हैं। अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी 79.2 अरब डॉलर की कुल संपत्ति के साथ 26वें स्थान पर हैं। एशिया के शीर्ष रईसों में अडानी तीसरे स्थान पर हैं।
शेयरों में क्यों आई तेजी?
मुकेश अंबानी की संपत्ति में बड़ी बढ़ोतरी के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जबरदस्त तेजी रही। बीएसई पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 11.64 फीसदी की बढ़त के साथ 1,299 रुपये पर बंद हुआ था। एनएसई पर यह 1300 रुपये पर बंद हुआ। मंगलवार को कारोबारी सत्र में रिलायंस शेयर हल्के दबाव में नजर आए। हालांकि, अंत में रिलायंस शेयर ने एनएसई पर 0.61 फीसदी की बढ़त के साथ 1,307.90 रुपये पर कारोबार समाप्त किया।
निवेशकों का भरोसा कैसे बढ़ा?
शेयरों में तेजी से रिलायंस का बाजार पूंजीकरण बढ़कर 17,69,920.74 करोड़ रुपये हो गया। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी की एक बड़ी वजह कंपनी के सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे रहे। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 40.6 फीसदी बढ़कर 25,548 करोड़ रुपये हो गया। यह नतीजा विश्लेषकों की उम्मीदों से बेहतर रहा।
कारोबार से कैसे मिला सहारा?
कंपनी के रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार में बेहतर मार्जिन ने लाभ बढ़ाने में मदद की। दूरसंचार कारोबार जियो की मजबूत कमाई ने भी मुनाफे को सहारा दिया। सितंबर तिमाही में रिलायंस के रिफाइनिंग कारोबार से होने वाली मुख्य आय में 68 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, जियो प्लेटफॉर्म्स की मुख्य आय भी 16.6 फीसदी बढ़ी। इस तेजी का फायदा सीधे मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति पर पड़ा।