अब तक के इतिहास में पहली बार नेपाल और भारत के बीच एक नया संबंध कायम हुआ है। यह संबंध कारोबार से जुड़ा है। दरअसल, दोनों देशों के इतिहास में पहली बार नेपाल ने एक जरूरी चीज भारत को निर्यात करना शुरू कर दिया है।
वह जरूरी चीज है सीमेंट, जिसकी मांग भारत में बड़े पैमाने पर बनी रहती है। बीते शुक्रवार को नेपाल से सीमेंट की 3000 बोरियों की पहली खेप उत्तर प्रदेश के सनौली बॉर्डर से भारत भेजी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीमेंट की पहली खेप नेपाल के नवलपरासी जिले से बीते आठ जुलाई (शुक्रवार) को नेपाल की पल्प सीमेंट इंडस्ट्रीज की ओर से भेजी गई है। पल्प सीमेंट इंडस्ट्रीज के पब्लिक रिलेशन मैनेजर जीवन निरौला ने मीडिया से बातचीत में बताया है कि नेपाल के उद्योगपति भारत में नेपाली सीमेंट निर्यात होने की खबर से खासे उत्साहित हैं।
उनका मानना है कि सरकार ने इस बार के बजट में सीमेंट निर्यात पर 8 प्रतिशत की सब्सिडी देने का जो फैसला लिया था, उसी के कारण यह संभव हुआ है कि भारत में नेपाल का सीमेंट निर्यात किया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि नेपाल के नवलपारसी स्थित सीमेंट प्लांट की रोजाना तीन हजार मिट्रिक टन सीमेंट उत्पादन की क्षमता है।
वहीं, नेपाल के सीमेंट प्रोड्यूसर्स एसोसिएसन ने इस मामले में कहा है कि नेपाल में सीमेंट उत्पादन की असीम संभावनाएं हैं, पर घरेलू स्तर पर बाजार की कमी होने कारण यहां का सीमेंट उद्योग परेशानियों का सामना कर रहा है। ऐसे में, भारत में सीमेंट का निर्यात शुरू होने से यहां के सीमेंट उत्पादकों की उम्मीदें जगी हैं।