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Sugar Export Ban: चीनी निर्यात पर बैन के फैसले को लेकर खाद्य सचिव का बयान, कहा- कई मायने में यह कदम सराहनीय

Wed, 25 May 2022 08:01 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक भी है। सरकार ने 24 मई को चालू विपणन वर्ष 2021-22 (अक्तूबर-सितंबर) में चीनी निर्यात को एक करोड़ टन तक सीमित रखने की अधिसूचना जारी की है। बता दें कि भारत इस साल दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक के रूप में उभरा है।
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sugar - फोटो : sugar
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विस्तार
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केंद्र सरकार के इस साल चीनी निर्यात को एक करोड़ टन तक सीमित रखने के निर्णय को खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने सही ठहराया है। उन्होंने बुधवार इस संबंध में बयान देते हुए कहा कि सरकार ने अक्तूबर-नवंबर के त्योहारी सीजन के दौरान चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतें स्थिर रखने के लिए सही समय पर सही कदम उठाया है। 

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खाद्य सचिव ने कहा कि हालांकि अन्य जिंसों की तुलना में चीनी की कीमतें अधिक स्थिर हैं, लेकिन चीनी निर्यात पर बैन का फैसला जिंस की वैश्विक कमी के बीच खुदरा कीमतों में किसी भी असामान्य वृद्धि को रोकने के लिए लिया गया है। इससे पहले सरकार ने हाल ही गेहूं की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिहाज से इसके निर्यात पर बैन लगाया था। उन्होंने कहा कि भारत इस साल दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक के रूप में उभरा है। उत्पादन के मामले में भारत ने ब्राजील को भी पीछे छोड़ दिया है।

बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक भी है। सरकार ने 24 मई को चालू विपणन वर्ष 2021-22 (अक्तूबर-सितंबर) में चीनी निर्यात को एक करोड़ टन तक सीमित रखने की अधिसूचना जारी की है। एक जून से 31 अक्तूबर के बीच विशेष अनुमति के साथ निर्यात की अनुमति दी जाएगी। खाद्य सचिव ने कहा कि चीनी निर्यात 2016-17 के लगभग 50,000 टन से बढ़कर इस वर्ष एक करोड़ टन हो गया है। जो कि अबतक का सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि अक्तूबर-नवंबर के त्योहारी सत्र के दौरान चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं। 
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चीनी के स्टॉक के बारे में बात करते हुए पांडेय ने कहा कि चालू विपणन वर्ष के अंत में लगभग 60 से 62 लाख टन चीनी का पिछला बचा स्टॉक होगा, जो अक्तूबर-नवंबर में घरेलू जरूरत को पूरा करने के लिए पूरी तरह पर्याप्त है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि मौजूदा समय में अन्य वस्तुओं की तुलना में चीनी की थोक और खुदरा दोनों बाजारों में कीमतें कहीं अधिक स्थिर हैं। चीनी निर्यात पर प्रतिबंध सट्टेबाजी और बेवजह की मूल्यवृद्धि को रोकेगा। उन्होंने कहा कि चीनी की मिल पर कीमतें 32-33 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रही हैं, खुदरा कीमतें क्षेत्र के आधार पर 33-44 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच हैं।

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