खाना पैक करने के लिए भी बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। आईआरसीटीसी ने अपने सभी 16 बेस किचन में हाई डेफिनेशन कैमरा लगाया है। यह कैमरे बड़ी-बड़ी स्क्रीन से जुड़ी हुई है। यह सिस्टम इतना बारीक है कि खाने के सामान को दूषित करने वाले चूहों और कॉकरोच को भी ट्रैक करने में सक्षम है।
इतना ही नहीं अगर खाना बनाने वाले के हाथ में गंदगी है तो इसे भी आसानी से कैमरे में कैद कर लेगा। इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सहारे खाने पीने के सामान में होने वाली किसी भी गड़बड़ी की जानकारी सीधे आईआरसीटीसी के प्रबंध निदेशक को मिल जाएगी।
हमेशा उठते हैं सवालिया निशान
बता दें कि ट्रेन में परोसे जाने वाले खाने-पीने के हाइजिन पर बराबर सवाल उठता है। कभी खाने में कॉकरोच मिलता है तो कई बार जहां खाना बनता है वहां चूहे दौड़ते नजर आते है। सीएजी ने भी ट्रेन में परोसे जाने वाले खाने पर सवाल उठा चुका है। ऐसे में रेलवे ने इंटेलिजेंस सिस्टम का सहारा लेकर खाने की गुणवत्ता व सफाई पर नजर रख रहा है।