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छोटे निवेशकों के लिए सुनहरा मौका: क्या आपके पोर्टफोलियो में रीट्स हैं? सेबी ने REITs को दिया इक्विटी का दर्जा

Mon, 03 Nov 2025 06:42 AM IST
शुभम कुमार शोभित अग्रवाल, एमडी एंड सीईओ एनारॉक कैपिटल

सार

रियल एस्टेट से पैसिव इनकम का रास्ता अब और आसान हो गया है। सेबी ने रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स को इक्विटी का दर्जा देकर बड़ा बदलाव किया है। अब म्यूचुअल फंड इनमें अधिक निवेश कर सकेंगे और न्यूनतम निवेश सीमा घटकर 10-15 हजार रुपये रह गई है। इससे आम लोग भी कमर्शियल प्रॉपर्टी में छोटी राशि लगाकर स्थायी रिटर्न पा सकेंगे।

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रियल स्टेट - फोटो : Google Gemini
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विस्तार
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रियल एस्टेट से परोक्ष आय (पैसिव इनकम) की खिड़की रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट्स) अब आकर्षक हो गए हैं। सेबी ने REITs को इक्विटी का दर्जा दे दिया है। रीट्स के विनिमयन में यह हालिया सबसे बड़ा बदलाव है, जो छोटे निवेशकों को निवेश के नए अवसर देगा। म्यूचुअल फंड, रीट्स में अधिक निवेश कर सकते हैं, इससे छोटे निवेशकों के लिए तरलता व रिटर्न में सुधार होगा। न्यूनतम निवेश सीमा घटने (10,000 से 15,000 रुपये) से अब आम लोग बड़ी कमर्शियल प्रॉपर्टी में छोटी रकम के साथ हिस्सेदार बन सकते हैं। नए बदलावों के बाद REITs अब ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुरूप एक मुख्यधारा का निवेश विकल्प बन गए हैं।  
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क्या हैं REITs?
रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) को रियल एस्टेट में निवेश को आसान बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। REITs ऐसी कंपनियां या ट्रस्ट हैं, जो ऑफिस, मॉल और वेयरहाउस जैसी संपत्तियों का स्वामित्व तथा संचालन करते हैं। ये कई निवेशकों से धन एकत्रित करते हैं और किराये से होने वाली आय का 90% लाभांश के रूप में भुगतान करते हैं। रीट्स लोगों को प्रॉपर्टी में छोटी राशि के साथ निवेश की अनुमति देते हैं।

REITs में मौके?
भारत के REITs बाजार में कमर्शियल ऑिफस प्रॉपर्टी का वर्चस्व है, लेकिन विकास की अगली लहर अब रिटेल मॉल, शॉपिंग सेंटर और मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट से आने वाली है। महानगरों के अलावा, टियर-2 और 3 शहरों में रिटेल मॉल्स का विकास, उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी और आय में इजाफा इसका समर्थन कर रहे हैं।
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भारत में अभी चार REITs लिस्टेड हैं, जिनमें से तीन ऑिफस-केंद्रित और केवल एक रिटेल आधारित है। ग्रेड-ए मॉल भी अपनी जगह बना रहे हैं, ऐसे में 2-3 रिटेल REITs लॉन्च होने की उम्मीद है।  
भारत में REITs का कुल बाजार पूंजीकरण 1.67 लाख करोड़ रुपये (अक्तूबर, 2025 तक) है। इसमें रिटेल हिस्सेदारी 15 फीसदी है। एनारॉक कैपिटल का आकलन है कि 2030 तक यह आकार 2 लाख करोड़ रुपये पहुंचेगा, जिसमें रिटेल की हिस्सेदारी 40% होगी।

प्रमुख REITs का प्रदर्शन
लिस्टेड REITs में प्रॉपर्टी के इस्तेमाल (ऑक्यूपेंसी)  की दर 86 फीसदी है यानी केवल 14 फीसदी हिस्सा खाली है। इन्होंने 10-25% का वार्षिक रिटर्न दिया है व 4.8-5.6% के बीच डिविडेंड यील्ड की पेशकश की है।
GCC (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स जैसे आरएंडटी, आईटी और फाइनेंस) तथा BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस) की मजबूत मांग के कारण REITs शेयरों ने पिछले एक साल में बीएसई रियल्टी इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है। कमर्शियल और रिटेल प्रॉपर्टी से मजबूत रिटर्न, डिविडेंड यील्ड के साथ नियमित आय और पोर्टफोलियो में नए विकल्पों से रीट्स लोकप्रिय हो रहे हैं।

भारत के प्रमुख REITs और उनका प्रदर्शन (अक्तूबर, 2025 तक)
REITs लिस्टिंग मौजूदा 1-साल डिविडेंड बाजार फोकस
का नाम वर्ष कीमत का रिटर्न यील्ड पूंजीकरण एरिया

Embassy Office
Parks REIT 2019 `433.88 10.38% 5.3% `41127 करोड़ ऑफिस
Mindspace Business
Parks REIT 2020 `461.53 24.83% 4.8% `28116 करोड़ ऑफिस
Brookfield India
Real Estate Trust 2021 `344.62 18.07% 5.6% `22056 करोड़ ऑफिस
Nexus Select Trust 2023 `163.07 13.26% 5.1% `24705 करोड़ रिटेल


जानना जरूरी है , REITs में निवेश के फायदे
  •  प्रॉपर्टी को खरीदे बिना आप बड़े मॉल या कमर्शियल बिल्डिंग में हिस्सेदार बन सकते हैं।
  •  10-15 हजार रुपये के निवेश से शुरुआत  
  •  REITs 6-7.5% की टैक्स फ्री डिविडेंड यील्ड के साथ नियमित आय प्रदान करते हैं।
  •  बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट से अधिक रिटर्न।
  •  स्टॉक एक्सचेंज पर आसानी से खरीदा-बेचा जा सकता है। प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने से कैपिटल एप्रिसिएशन का लाभ।
छोटे निवेशकों के लिए  कितने फायदेमंद?
  • छोटे निवेशक स्टॉक एक्सचेंज पर कुछ हजार रुपये में REITs यूनिट को खरीद सकते हैं। इससे उन्हें स्थिर लाभांश के साथ ग्रेड-ए कमर्शियल प्रॉपर्टी तक आसान पहुंच मिलती है।
  • निवेशक REIT-आधारित म्यूचुअल फंड्स में भी निवेश कर बड़ी पूंजी के बिना इनडायरेक्ट तरीके से हिस्सेदारी हासिल कर सकते हैं।
  • नियमित आय और पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन का लाभ भी उठा सकते हैं।
इस तरह अगर देखा जाए, तो भारत में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) की शुरुआत देर से भले ही हुई है, लेकिन अब नए सुधारों के साथ ये मुख्यधारा का निवेश विकल्प बनकर तेजी से उभर रहे हैं। रियल स्टेट मार्केट की ग्रोथ के अगले चरण में रिटेल REITs महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
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