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आर्थिक पैकेज की आखिरी किस्त में हुए क्या-क्या एलान, इन बिंदुओं से समझें 

Sun, 17 May 2020 01:04 PM IST
Amit Mandal बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • जनधन के 20 करोड़ महिला लाभार्थियों के खाते में पैसे पहुंचाए गए हैं
  • उज्जवला योजना के तहत गरीबों को 6.81 करोड़ गैस सिलेंडर मुफ्त दिए   
  • 8.19 लाख किसानों के खाते में 16,394 हजार करोड़ रुपये डाले गए 
  • 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों के लिए भी राशन की सुविधा घोषित की गई 
  • कोरोना योद्धाओं पर हमले को लेकर महामारी एक्ट में संशोधन किया गया 
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निर्मला सीतारमण और अनुराग ठाकुर - फोटो : PTI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की कड़ी में आज वित्त मंत्रालय ने पांचवीं और आखिरी किस्त का एलान किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलना है। संकट का दौर अवसर के द्वार भी खोलता है। आज आत्मनिर्भर भारत बनाने की जरूरत है। इसीलिए कोरोना के बाद की तैयारियों पर हमारा ध्यान है। प्रेस कांफ्रेंस में क्या-क्या कहा वित्त मंत्री ने, जानिए बड़ी बातें।  

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  • लॉकडाउन के दौरान किए गए उपायों में किसान, महिलाओं, उद्यमियों सभी का ध्यान रखा गया है। स्वास्थ्य सुविधाएं देने की घोषणा हुई। लॉकडाउन के साथ ही पीएम गरीब कल्याण पैकेज का एलान हुआ। गरीबों को मुफ्त अनाज व दाल देने का फैसला हुआ। हम गरीबों को तुरंत मदद पहुंचा रहे हैं। गरीबों को खाना भी मुहैया करवा रहे हैं। हमें प्रवासी मजदूरों का ध्यान है।   
  • 12 लाख ईपीएफओ धारकों को लाभ पहुंचा है। जनधन के 20 करोड़ महिला लाभार्थियों के खाते में पैसे पहुंचाए गए हैं। उज्जवला योजना के तहत गरीबों को मुफ्त गैस सिलिंडर दिए गए। 6 करोड़ 81 लाख गैस सिलेंडर दिए गए।  
  • 8.19 लाख किसानों के खाते में 16,394 हजार करोड़ रुपये डाले गए।
  • 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों के लिए भी राशन की सुविधा घोषित की गई। रास्ते में इन्हें खाना दिया गया। 
  • कोरोना योद्धाओं पर हमला होता था, इसे लेकर महामारी एक्ट में संशोधन किया गया। कोविड महामारी से पहले एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी, अब 3 लाख से अधिक पीपीई किट रोज बनाए जाते हैं, रोजाना लाखों मास्क भी बन रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख रुपये के बीमा की घोषणा हुई है। 
  • 11 करोड़ एचसीक्यू टेबलेट का उत्पादन किया गया, टेस्टिंग और लैब किट के लिए 550 करोड़ रुपये दिए गए। 
  • प्रवासी मजदूर जो गांवों को लौटे हैं, उन्हें मनरेगा के तहत काम मिल सके इसके लिए 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। 
  • स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए बदलाव होने जा रहे हैं, महामारी के समय भी लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिले ऐसी व्यवस्था की जाएगी। जमीनी स्तर पर हेल्थ व वेलनेस सेंटर को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़ाया जाएगा। जिला स्तर के अस्पताओं को भविष्य की महामारी से लड़ने के लिए युक्त बनाया जाएगा। संक्रामक रोगों का ब्लॉक बनेगा।  
  • कोविड संकट के समय ऑनलाइन शिक्षा पर जोर। डीटीएच के जरिए शिक्षा दी जाएगी। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 12 नए शैक्षणिक चैनल शुरू हो रहे हैं। ई-पाठशाला में 200 नई पुस्तकें शामिल की गई हैं। पीएम ई-विद्या कार्यक्रम चलाया जाएगा जिसके तहत डिजिटल शिक्षा दी जाएगी। वन नेशन, वन डिजिटल प्लेटफॉर्म के तहत दीक्षा कार्यक्रम चलाया जाएगा। दीक्षा प्लेटफॉर्म तक अभी तक 61 करोड़ लोग पहुंचे हैं। हर कक्षा के लिए एक चैनल निर्धारित किया जाएगा। टीचरों, अभिभावकों के लिए मनोदर्पण कार्यक्रम चलाया जाएगा। बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर काम किया जाएगा। दिव्यांग बच्चों को गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलेगी। 
  • दिवालिया कानून में बदलाव होगा। कोविड संकट के समय किसी पर दिवालिया कार्रवाई न हो इसके लिए न्यूनतम सीमा एक लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कर दी गई है। एक साल तक दिवालिया घोषित करने पर रोक, लघु व मझोले उद्योगों (एमएसएमई) को मदद मिलेगी। आईबीसी एक्ट के तहत कोविड 19 के दौरान कर्ज को डिफाल्ट की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा। 
  • जो छोटी तकनीकी व प्रक्रियात्मक चूक होती है, उसे आपराधिक प्रक्रिया से निकाल दिया जाएगा। 7 कंपाउंडेबल ऑफेंसेस को पूरी तरह हटा दिया गया है। कॉर्पोरेट के लिए ईज ऑफ डुइंग में सुविधा को और बढ़ाया जाएगा।   
  • केंद्र की ओर से राज्यों को कुल 46038 हजार करोड़ रुपये दिए गए। अप्रैल और मई में 12,390 करोड़ रुपये दिए गए। एसडीआरएफ फंड से 110,92 करोड़ रुपये जारी किए गए। कोविड 19 से लड़ने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को 4113 करोड़ दिए। राज्यों की ओवरड्राफ्ट की सीमा 14 से बढ़ाकर 21 दिन की गई। एक तिमाही में ओवरड्राफ्ट की सीमा 32 दिन से बढ़ाकर 50 फीसदी की गई। राज्यों के लिए उधार सीमा तीन से बढ़ाकर पांच फीसदी की गई। 
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