मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अप्रैल-जून में यात्रियों की संख्या में लगभग स्थिर वृद्धि दर्ज की गई। अदाणी समूह-एएआई के स्वामित्व वाले इस हवाई अड्डे में इस अवधि में कुल 1.36 करोड़ यात्रियों ने सफर किया। देश के दूसरे सबसे व्यस्त एयरपोर्ट ने पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1.34 करोड़ यात्रियों ने उड़ान भरी थी। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने यह जानकारी दी।
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भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद परिचालन गति बनी रही
एमआईएएल ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, पश्चिम एशिया में अस्थाई हवाई क्षेत्र बंद होने और हाल की विमानन घटनाओं का असर पड़ा। यात्रियों की भावनाओं में आई क्षणिक गिरावट के बावजूद छत्रपति शिवाजी महराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने परिचालन गति बनाए रखी।
जून तिमाही में एटीएम 82,369 रही
जून तिमाही के दौरान, हवाई अड्डे ने 82,369 हवाई यातायात संचलन (एटीएम) की सुविधा प्रदान की। यह 1.3 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय एटीएम में 3.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
हवाई यातायात संचलन एक प्रणाली है, जो विमानों के सुरक्षित और कुशल आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। इसमें हवाई क्षेत्र का प्रबंधन, हवाई यातायात का नियंत्रण, और हवाई यातायात प्रवाह का प्रबंधन शामिल है।
30 अप्रैल रहा सबसे व्यस्त दिवस
एमआईएएल ने कहा कि तिमाही का सबसे व्यस्त दिन 30 अप्रैल रहा, जब हवाई अड्डे ने एक ही दिन में 989 एटीएम का संचालन किया। वहीं 30 मई को पहली तिमाही के लिए सबसे अधिक 1,61,603 यात्रियों का एकल-दिवसीय यातायात दर्ज किया गया। पहली तिमाही में एयरपोर्ट से शीर्ष घरेलू गंतव्य दिल्ली, बंगलूरू और कोलकाता रहे। साथ ही प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों में दुबई, अबू धाबी और लंदन शामिल थे।
गंतव्य के लिहाज से पश्चिम एशिया क्षेत्र का हिस्सा 48 प्रतिशत रहा
अंतरराष्ट्रीय यात्रा क्षेत्रों में प्रस्थान के पहले गंतव्य के लिहाज से पश्चिम एशिया क्षेत्र का हिस्सा सबसे अधिक 48 प्रतिशत रहा। इसके बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र 30 प्रतिशत और यूरोप 14 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ रहे।
यात्रियों से यूडीएफ के तहत वसूले जा रही 695 रुपये
16 मई से एयरपोर्ट ऑपरेटर ने प्रत्येक प्रस्थान करने वाले यात्री से 695 रुपये का उपयोगकर्ता विकास शुल्क (यूडीएफ) वसूलना शुरू कर दिया है, जो अगस्त 2024 तक लागू 120 रुपये की दर के मुकाबले काफी अधिक है। यह शुल्क एयरपोर्ट टैरिफ रेगुलेटर AERA की मंजूरी के बाद लागू किया गया।
इसके अलावा अप्रैल और जून में दो अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों एयर अस्ताना और रॉयल जॉर्डनियन एयरलाइंस ने मुंबई से पश्चिम एशिया और स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रमंडल (CIS) क्षेत्र के लिए अपनी उड़ानें शुरू कीं।
भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा विमानन बाजार बनकर उभरा
भारत 241 मिलियन यात्रियों को संभालते हुए दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा विमानन बाजार बनकर उभरा है। वैश्विक एयरलाइंस समूह आईएटीए के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। आईएटीए के अनुसार मुंबई-दिल्ली 2024 में सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल रहा। शीर्ष 10 हवाईअड्डा जोड़ों में, मुंबई-दिल्ली सांतवा सबसे व्यस्त हवाईअड्डा रहा। इसने 2024 में 5.9 मिलियन यात्रियों को संभाला।
पिछले वर्ष भारत में 211 मिलियन हवाई यात्री आए, जो 2023 की तुलना में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं जापान से आगे है, जिसने 18.6 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 205 मिलियन यात्रियों को संभाला। अमेरिका अपने घरेलू बाजार के बल पर 2024 में 876 मिलियन यात्रियों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा विमानन बाजार बना रहा, जो साल-दर-साल 5.2 प्रतिशत की वृद्धि कर रहा है। चीन 741 मिलियन यात्रियों के साथ दूसरा सबसे बड़ा यात्री बाजार था, जो 2023 की तुलना में 18.7 प्रतिशत की वृद्धि है।