Fiscal Deficit: केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जून के अंत में पूरे वर्ष के लक्ष्य का 17.9 प्रतिशत था। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों में इसकी पुष्टि हुई। पिछले वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों में यह 2024-25 के बजट अनुमान (बीई) का 8.4 प्रतिशत था। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जून के अंत में पूरे वर्ष के लक्ष्य का 17.9 प्रतिशत था। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों में इसकी पुष्टि हुई। पिछले वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों में यह 2024-25 के बजट अनुमान (बीई) का 8.4 प्रतिशत था।
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राजकोषीय घाटा, या सरकार के व्यय और राजस्व के बीच का अंतर होता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून अवधि में यह 2,80,732 करोड़ रुपये था।
केंद्र का अनुमान है कि 2025-26 के दौरान राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.4 प्रतिशत या 15.69 लाख करोड़ रुपये होगा।
सीजीए के अनुसार, जून 2025 तक केंद्र का शुद्ध कर राजस्व 5.4 लाख करोड़ रुपये या कुल प्राप्तियों के संबंधित बजट अनुमान 2025-26 का 19 प्रतिशत था। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में शुद्ध कर राजस्व उस वर्ष के बजट अनुमान का 21.3 प्रतिशत था।
मासिक लेखा आंकड़ों से पता चलता है कि पहली तिमाही के दौरान कुल व्यय 12.22 लाख करोड़ रुपये या बजट अनुमान का 24.1 प्रतिशत रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह बजट अनुमान का 20.1 प्रतिशत था।