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Note Exchange Day 1: 2000 के नोट बदलने के पहले दिन बैंकों में दिखीं छोटी कतारें, अधिकारी बोले- सब सामान्य

Tue, 23 May 2023 01:39 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बीते शुक्रवार को 2,000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की है। लोगों को 30 सितंबर तक ऐसे नोटों को खातों में जमा करने या बैंकों में बदलने का समय दिया गया है। नवंबर 2016 में 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को रातोंरात अमान्य कर दिया गया था। हालांकि इस बार 2,000 रुपये के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। 
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2000 के नोटों की बदली का पहला दिन (प्रतीकात्मक तस्वीर)। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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2,000 रुपये के नोटों को छोटे मूल्यवर्ग में बदलने की कवायद के पहले दिन मंगलवार को कुछ बैंक शाखाओं में छोटी कतारें देखी गईं। आरबीआई की ओर से शुक्रवार को जारी गाइडलाइन के मुताबिक आज यानी मंगलवार से 2,000 रुपये के नोटों को बदलने की सुविधा दी जा रही है। एक व्यक्ति बिना कोई फॉर्म भरे या मांग पर्ची के एक बार में 20,000 रुपये यानी दो हजार के दस नोटों की बदली कर सकता है। नोट बदलने वाले व्यक्ति को अपने पहचान का प्रमाण भी प्रस्तुत करने की  आवश्यकता नहीं है। मंगलवार को बैंक शाखाएं खुलने पर नोटों को बदलने के लिए काउंटरों पर कोई खास भीड़ नहीं देखी गई। मेट्रो शहरों में निजी क्षेत्र के बैंकों के आउटलेट्स में शुरुआती घंटों में सामान्य रूप से कामकाज होता दिखा।

बैंक अधिकारी बोले- बैंकों में समान्य ढंग से चल रहा कामकाज

सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अभी तक दो हजार के नोट बदलने वाले लोगों की ज्यादा भीड़ नहीं देखी गई है क्योंकि इसके लिए चार महीने का समय है। बैंक शाखाओं में सामान्य ढंग से कामकाज चल रहा है। नोटबंदी के समय की तुलना में बदले जाने वाले नोटों की मात्रा भी कम है। बता दें कि 8 नवंबर 2016  देश में चलन में मौजूद 86 प्रतिशत नोटों को अमान्य करार कर दिया था। जबकि इस बार 2,000 रुपये के नोट लीगल टेंडर बने रहेंगे सिर्फ उन्हें चलन से बाहर किया जाना है। बैंक अधिकारी ने कहा कि जहां तक खातों में जमा राशि का सवाल है, यह सामान्य रूप से हो रहा है और अब तक ज्यादा भीड़ नहीं दिखी है। जमाराशियां मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वीकार की जा रही हैं।

30 सितंबर तक बैंक शाखाओं में दो हजार रुपये के नोट बदलने की मिलेगी सुविधा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बीते शुक्रवार को 2,000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की है। लोगों को 30 सितंबर तक ऐसे नोटों को खातों में जमा करने या बैंकों में बदलने का समय दिया गया है। नवंबर 2016 में 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को रातोंरात अमान्य कर दिया गया था। हालांकि इस बार 2000 रुपये के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि बैंक खातों में नकदी बदलने और जमा करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध है, इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रणाली में न केवल आरबीआई के पास, बल्कि बैंकों द्वारा संचालित करेंसी चेस्ट में भी पर्याप्त मात्रा में मुद्रित नोट उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, 'नोटों के पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और चिंता करने की कोई बात नहीं है। हमारे पास पर्याप्त स्टॉक से अधिक है।

लंबी विदेश यात्रा और वर्क वीजा पर काम करने वालों की कठिनाइयों का रखेंगे ध्यानः आरबीआई गवर्नर

गवर्नर ने यह भी कहा कि आरबीआई उन कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील है जो उन लोगों के सामने आ सकती हैं जो लंबी विदेश यात्राओं पर हैं या कार्य वीजा पर विदेश में रह रहे हैं। उन्होंने कहा, ''हमारा प्रयास होगा कि ऐसे लोगों की कठिनाइयों का समाधान किया जाए और पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा किया जाए। काले धन के प्रणाली में वापस आने के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आपके खाते में जमा करने या नकद विनिमय के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, 'हमने कहा है कि बैंकों को मौजूदा जरूरतों या मौजूदा प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। हम कोई अतिरिक्त प्रक्रिया लेकर नहीं आए हैं। आपको पता होना चाहिए कि अगर आप 50,000 रुपये से अधिक की नकदी जमा करते हैं तो आपको अपना पैन दिखाना होगा। इसलिए इसलिए दो हजार रुपये के नोट जमा करने में भी मौजूदा नियम ही लागू होंगे।

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