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FIPI: एफआईपीआई ने पेट्रोलियम मंत्रालय को लिखा पत्र, नुकसान से बचने के लिए एक समान निवेश वातावरण बनाने की मांग

Sun, 19 Jun 2022 11:14 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कंपनियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो खुदरा क्षेत्र में निवेश सिमट जाएगा। दरअसल, 10 जून को फेडरेशन आफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (एफआईपीआई) ने पेट्रोलियम मंत्रालय को यह पत्र लिखा था। 
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पेट्रोल-डीजल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद दाम नहीं बढ़ने से तेल की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनियों नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन कंपनियों ने इस बाबत पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र लिखा है। इन कंपनियों ने सरकार से एक समान निवेश वातावरण बनाने की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, जियो-बीपी और नायरा एनर्जी जैसी कंपनियों का कहना है कि इसके कारण डीजल की बिक्री पर प्रति लीटर 20 से 25 रुपये और पेट्रोल पर 14 से 18 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। 

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पेट्रोलियम मंत्रालय को लिखे गए पत्र में कंपनियों ने चेतावनी भी दी है। कंपनियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो खुदरा क्षेत्र में निवेश सिमट जाएगा। दरअसल, 10 जून को फेडरेशन आफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (एफआईपीआई) ने पेट्रोलियम मंत्रालय को यह पत्र लिखा था। 

दरअसल, जैसे-जैसे कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता है उसका असर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी पड़ता है। एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और उसके उत्पादों की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। वहीं, दूसरी तरफ, सरकारी ईंधन खुदरा विक्रेताओं ने पेट्रोल और डीजल कीमतों को 'जाम' करके रखा हुआ है। जिसके कारण निजी क्षेत्र की ईंधन खुदरा कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि सरकारी कंपनियों का ईंधन खुदरा कारोबार में 90 प्रतिशत का हिस्सा है। 
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ऐसे में निजी क्षेत्र की कंपनियों के सामने दोहरी समस्या है। अगर वे दामों में इजाफा करते हैं तो उन्हें ग्राहकों को खोना पड़ सकता है, वहीं दूसरी तरफ अगर वे दाम नहीं बढ़ाती हैं तो उनका बहीखाता गड़बड़ा रहा है। इसी सारी समस्याओं को देखते हुए एफआइपीआई ने पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र लिखा है। गौरतलब है कि एफआइपीआई में निजी क्षेत्र की कंपनियों के अलावा इंडियन ऑयल कारपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन शामिल हैं। 

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