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B20: प्रतिकूल हालात के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की गति सबसे तेज, सीतारमण बोलीं- महंगाई को कम करना प्राथमिकता

Fri, 25 Aug 2023 04:50 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

B20: वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक आर्थिक सुधार को बनाए रखने के लिए वित्तपोषण महत्वपूर्ण कारक है। बी20 समिट इंडिया 2023 में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में अधिक पूंजीगत व्यय की वजह से निजी पूंजीगत व्यय में वृद्धि का जोखिम अब महसूस किया जा सकता है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : Social Media
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विस्तार
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 भारत आर्थिक सुधारों की रफ्तार तेज करने में सफल रहा है। इसकी वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून अवधि में अच्छी रहनी चाहिए। लेकिन, भरोसेमंद आर्थिक वृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए महंगाई को नियंत्रित करना सरकार की प्राथमिकता है क्योंकि लगातार उच्च मुद्रास्फीति मांग को कमजोर कर देगी। जुलाई, 2023 में खुदरा महंगाई बढ़कर 15 महीने के उच्च स्तर 7.44 फीसदी पर पहुंच गई थी।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार से आयोजित तीन दिवसीय बी20 शिखर सम्मेलन में कहा कि महंगाई और अन्य प्रतिकूल हालातों के बावजूद भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले विकास के रास्ते पर सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। आज जिस तरह के हालात हैं, उनमें किसी को पता नहीं है कि क्या होगा। लेकिन, सबको लगता है कि पहली तिमाही अच्छी बीती है और इसके आंकड़े भी अच्छे रहने चाहिए। पहली तिमाही के आंकड़े 31 अगस्त को जारी किए जाएंगे।

भारतीय उद्योग परिसंघ की ओर से आयोजित सम्मेलन में सीतारमण ने महंगाई पर नियंत्रण के लिए ब्याज दरों में वृद्धि की प्रवृत्ति पर आशंका भी जाहिर की। उन्होंने कहा, ज्यादातर अर्थव्यवस्थाओं में यह समस्या है। महंगाई से लड़ने के इकलौते साधन के रूप में ब्याज दर का इस्तेमाल मुद्रास्फीति का पूर्ण समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, अमेरिकी फेड रिजर्व के ब्याज दर के बारे में अगले कदम को लेकर खासी दिलचस्पी है क्योंकि इसका प्रभाव हम पर भी पड़ सकता है।
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प्रधानमंत्री की अगुवाई में नौ साल में तेज आर्थिक सुधार
सीतारमण ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार के पिछले 9 साल के कार्यकाल में तेज आर्थिक सुधार हुए हैं। सुधारों का दौर अब भी जारी है, जिसके दम पर भारत उच्च और टिकाऊ विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, सरकार का ध्यान आत्मनिर्भर भारत पर है, लेकिन जरूरी चीजों के आयात पर रोक नहीं लगाई जाएगी।

निजी खर्च बढ़ने के संकेत
वित्त मंत्री ने कहा, सार्वजनिक पूंजीगत व्यय पर बजट में जोर दिए जाने के ‘सकारात्मक असर’ को निजी क्षेत्र के निवेश में आ रही तेजी के रूप में देखा जा सकता है। विदेशी निवेश को आर्थिक वृद्धि के लिए अहम बताते हुए कहा कि सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई सुधार किए हैं। सीतारमण ने कहा, ब्रिटेन संग मुक्त व्यापार समझौता पूरा होने के बेहद करीब है। कनाडा से बात चल रही है।

चीन की बात करने की जगह भारत की कहानी सुनाना पसंद

सीतारमण ने कहा, वह चीन की बात करने की जगह भारत की कहानी सुनाना पसंद करेंगी। उसने पूछा गया कि चीन में मंदी का भारत और बाकी दुनिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इस पर कहा, चीन के घटनाक्रम चिंता का विषय है। लेकिन, मेरा ध्यान भारत के वर्तमान समय, मौजूद अवसरों, कौशल पर अधिक है। यहां युवा आगे बढ़ने और खुद को साबित करने के लिए उत्साहित हैं। इसलिए, हमें भारत की ताकत पर बोलना चाहिए।

एमएसएमई को पूंजी मुहैया कराने की जरूरत : गोपीनाथन
डिजिटल बदलाव पर बी20 इंडिया कार्यबल के सह-अध्यक्ष राजेश गोपीनाथन ने कहा कि एमएसएमई के डिजिटल बदलाव और जी20 देशों में साइबर सुरक्षा ढांचे को सुसंगत बनाने के लिए उन्हें पूंजी मुहैया कराने की जरूरत है। कई अन्य सिफारिशें भी हुईं।

एआई में सबसे आगे रहने का भारत के पास बड़ा अवसर : शांतनु
एडोबी के सीईओ शांतनु नारायण ने कहा कि वह भारत के बनाए गए डिजिटल बुनियादी ढांचे के प्रशंसक हैं। 46% डिजिटल भुगतान, आधार कार्ड वाले एक अरब लोगों और 85 करोड़ स्मार्टफोन वाले भारत के पास एआई में सबसे आगे रहने का एक बड़ा अवसर है।

मानकों का पालन करें एनबीएफसी व एचएफसी: दास
आरबीआई ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को मानकों का पालन करने को कहा है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आवासीय वित्त कंपनियों समेत एनबीएफसी को संचालन मानकों और अनुपालन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कहा। एनबीएफसी कंपनियों के एमडी के साथ बैठक में दास ने कहा, बैंकिंग सुविधा से वंचित क्षेत्रों में कर्ज मुहैया कराने में एनबीएफसी की भूमिका अहम है। उन्हें कोई भी ढिलाई नहीं करनी चाहिए। गवर्नर ने कंपनियों से नियमों का अनुपालन, जोखिम प्रबंधन व आंतरिक ऑडिट जैसे पहलू को सही करने को कहा। 
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