वित्त मंत्रालय ने धोखाधड़ी और जबरन वसूली के लिए ईडी के नाम पर फर्जी समन के खिलाफ जनता को आगाह किया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पोस्ट में कहा कि ये जाली दस्तावेज अक्सर प्रामाणिक ईडी नोटिसों से मिलते-जुलते हैं, जिससे आम लोगों के लिए उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है।
नागरिकों को ठगी से बचाने के उद्देश्य से 8 अक्तूबर को ईडी ने क्यूआर कोड और एक विशिष्ट पासकोड के साथ समन जारी करने की एक नई प्रणाली शुरू की।
सुरक्षा दिशानिर्देशों को दोहराते हुए वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वह डिजिटल या ऑनलाइन गिरफ्तारियां नहीं करता है। साथ ही लोगों से सतर्क रहने और ईडी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने वालों का शिकार होने से बचने का आग्रह किया।
प्रत्येक सिस्टम-जनरेटेड समन पर अधिकारी के हस्ताक्षर, मुहर, ईमेल आईडी और पत्राचार के लिए फोन नंबर अंकित होगा। व्यक्ति क्यूआर कोड स्कैन करके या ऑनलाइन समन विवरण दर्ज करके समन को प्रमाणित कर सकते हैं। सप्ताहांत और सार्वजनिक अवकाशों को छोड़कर, समन जारी होने के 24 घंटे बाद सत्यापन किया जा सकता है। सिस्टम के बाहर जारी किए गए सम्मन को फोन या ईमेल के माध्यम से नामित ईडी संपर्क से संपर्क करके सत्यापित किया जा सकता है।
यह पहल हाल ही में सामने आए उन मामलों के जवाब में की गई है, जिनमें घोटालेबाजों ने ईडी अधिकारियों का रूप धारण कर लिया और फर्जी गिरफ्तारी आदेश जारी कर 'डिजिटल गिरफ्तारी' के नाम पर जनता को गुमराह किया।