वित्त मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के लिए वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में खर्च के बजट में कटौती का फैसला किया है। इसके बाद अब सभी मंत्रालय और इनसे संबंधित विभाग 25 फीसदी से ज्यादा पैसा खर्च नहीं कर पाएंगे।
इसलिए लिया वित्त मंत्रालय ने फैसला
वित्त मंत्रालय ने यह फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि बजट घाटा काफी बढ़ गया है। पहले मंत्रालयों के लिए बजट का 33 फीसदी खर्च आखिरी तिमाही में करने का प्रावधान किया गया था। अब मंत्रालयों को 25 फीसदी में ही मार्च के महीने में केवल 10 फीसदी खर्च करने की अनुमति दी गई है। पहले यह बजट का 15 फीसदी था।
वित्तीय सेवा विभाग ने जारी किया मेमो
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय सेवा विभाग ने इस बारे में आधिकारिक तौर पर मेमो जारी किया है। मेमो में लिखा है कि वित्तीय घाटे के चलते सरकार ने चालू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही व आखिरी महीने में खर्चों में कटौती करने का फैसला किया है।
फैसले से कई मंत्रालयों पर पड़ेगा असर
जिन मंत्रालयों ने अपने खर्च बजट को पूरा नहीं किया है, उन पर इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। वो अब अपने बजट का पूरा खर्च नहीं कर पाएंगे। केंद्र सरकार बजट घाटा टारगेट जो कि जीडीपी का 3.3 फीसदी है उसको पूरा करने के लक्ष्य में लगी है। हालांकि कर संग्रह में कमी के चलते सरकार अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रही है।