वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत जल्द ही पूरी होने वाली है। साथ ही, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के निर्यात में मजबूत वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2025 में वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 825 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत तेज गति से आगे बढ़ रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलावर को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समझौता जल्द ही पूरा होने वाला है। भारत ने पहले ही संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और चार देशों के ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) ब्लॉक के साथ एफटीए पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके अलावा ब्रिटेन के साथ बातचीत पूरी हो चुकी है। इंडिया एक्जिम बैंक के व्यापार सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने एफटीए पर चर्चा की।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया
वित्त मंत्री ने देश के निर्यात पर जोर देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025 में वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 825 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि जहां भारत वैश्विक निर्यात में केवल 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं भारत निर्यातक व्यापार मोर्चे पर वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद तेजी से आगे बढ़ने और 6.3 प्रतिशत की वृद्धि को पार करने में सफल रहे। 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निर्यात को बढ़ावा देने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
वित्त मंत्रालय की नीतियों ने निर्यात को सहारा दिया
इस अवसर पर वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने कहा कि भारत की विकास संभावनाएं उज्ज्वल बनी हुई हैं, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से उत्पन्न चुनौतियों से परेशान है। उन्होंने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स और रत्न एवं आभूषण क्षेत्रों से निर्यात में लचीलापन देखने को मिल रहा है। इस प्रयास में वित्त मंत्रालय नीति, योजनाओं और वित्तीय सहायता के माध्यम से समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।