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Budget: 'सिर्फ वादे नहीं, रोजगार और स्टार्टअप्स के लिए ठोस रोडमैप तैयार'; संसद में बजट पर बोलीं वित्त मंत्री

Wed, 11 Feb 2026 05:44 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को बजट बहस पर लोकसभा को संबोधित किया। इस दौरान वित्त मंत्री ने क्या-क्या कहा, आइए जानते हैं विस्तार से।
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निर्मला सीतारमण - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को बजट बहस पर लोकसभा को संबोधित किया। लोकसभा को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट की रणनीतिक प्राथमिकताओं के बारे में बताया और इससे जुड़े तथ्यों को सुव्यवस्थित तरीके से सदन के पटल पर रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने श्रम प्रधान क्षेत्रों को बजट में प्राथमिकता दी है। इसके तहत बायोफार्मा सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है।

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स्टार्टअप्स के विस्तार के लिए उन्हें बड़े डोमेन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताते हुए वित्त मंत्री ने साफ किया है कि मेगा टेक्सटाइल पार्कों के विकास के लिए केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम करने को पूरी तरह तैयार है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “इस बजट में सकल कर प्राप्तियां 44.04 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह 2025-26 के अनुमानित राजस्व से लगभग 8% अधिक है, यानी इसमें 3.26 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। यदि हम 2026-27 के कुल व्यय को देखें, तो यह 53.47 लाख करोड़ रुपये है, जो हमारी कर प्राप्तियों से कहीं अधिक है। पूंजीगत व्यय 12.22 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो जीडीपी का 3.1% है और 2025-26 के अनुमानित राजस्व से 11.5% अधिक है...” ।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर परिचर्चा के दौरान लोकसभा में बोलते हुए कहा, "16वें वित्त आयोग ने 2018-19 से 2022-23 तक केंद्र की ओर से राज्यों को हस्तांतरित किए गए राज्य के हिस्से का विश्लेषण किया और निष्कर्ष निकाला कि इन सभी वर्षों में केंद्र की ओर से किया गया हस्तांतरण वित्त आयोग की सिफारिश से बिल्कुल मेल खाता है। इसलिए, हम अकेले नहीं हैं जो यह दावा कर रहे हैं। वित्त आयोग ने स्वयं इसका विस्तृत अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2018-19 से 2022-23 तक के वित्तीय वर्षों के लिए राज्य सरकारों को जो भी राशि जानी थी, वह दी जा चुकी है। राज्यों के लिए इसमें किसी भी प्रकार के संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है।"
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