04:32 PM, 15-May-2020
असंगठित क्षेत्र के जो सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां (MFE) हैं, उनके लिए हम 10,000 करोड़ रुपये की योजना लेकर आए हैं। ये क्लस्टर बेस्ड अप्रोच होगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बिहार में मखाना है, उत्तर प्रदेश में आम है, कर्नाटक में रागी है, तेलंगाना में हल्दी है, लोकल से ग्लोबल नीति के तहत इन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। इससे लगभग दो लाख इकाइयों को लाभ मिलेगा। रोजगार के अवसर मिलेंगे और आय बढ़ेगी। इनकी मार्केटिंग ब्रांडिंग भी होगी और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन भी होगा।