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Loksabha: 'सच्चाई है भाई, क्यों नहीं बताऊं...', जानिए विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री ऐसा क्यों बोलीं

Mon, 15 Dec 2025 08:38 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Finance Minister in Loksabha: वित्त मंत्री ने लोकसभा में 2013 के आर्थिक परिदृश्य की तुलना वर्तमान हालात से करते हुए कहा कहा है कि तब हमारी अर्थव्यवस्था चुनौतियों से जूझ रही थी और डगमगा रही थी। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। वर्तमान में हमारी अर्थव्यवस्था में एक अद्भुत लचीलापन है। वित्त मंत्री ने और क्या कहा, जानिए विस्तार से।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : संसद टीवी
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विस्तार
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सोमवार को लोकसभा में पूरक मांगों पर चर्चा के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला, जहां आमतौर पर शांत और संयमित रहने वालीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण विपक्षी सांसदों की लगातार टोका-टाकी पर नाराजगी जताते हुए कहा, 'सच्चाई है भाई, क्यों नहीं बताऊं... ये नाटक नहीं होना चाहिए।'

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यह तीखी नोकझोंक तब शुरू हुई जब वित्त मंत्री ने यूपीए सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए तत्कालीन रक्षा मंत्री के उस बयान को पटल पर रखा, जिसमें उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण के लिए 'फंड न होने' की बात स्वीकारी थी। विपक्ष की ओर से हंगामा करते हुए उन्हें रोकने की कोशिश करने पर वित्त मंत्री ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पुरानी रक्षा नीतियों की पोल खोली, इससे सदन का माहौल गरमा गया।

भातरीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद अब पहले से अधिक मजबूत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति का पुरजोर बचाव करते हुए इसे पिछले एक दशक की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया। अनुदान के लिए पूरक मांगों पर हुई बहस का जवाब देते हुए, वित्त मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद अब पहले से कहीं अधिक मजबूत और विस्तृत है।

वित्त मंत्री ने 2013 के आर्थिक परिदृश्य की तुलना वर्तमान हालात से करते हुए कहा, "2013 में जब वैश्विक चुनौतियां सामने आईं थीं, तब हमारी अर्थव्यवस्था उनसे जूझ रही थी और डगमगा रही थी। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। वर्तमान में हमारी अर्थव्यवस्था में एक अद्भुत लचीलापन  है।"

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सीतारमण का इशारा साफ तौर पर उस दौर की ओर था जब भारत को 'फ्रेजाइल फाइव' अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था। उनका कहना था कि आज वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत न केवल स्थिर है, बल्कि दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।

वित्त मंत्री बोलीं- पिछले 10 वर्षों में विकास का मॉडल बदला

अर्थव्यवस्था के 'नेरेटिव' को बदलते हुए वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 10 वर्षों में विकास का मॉडल बदला है। उन्होंने कहा कि अब भारत का विकास 'व्यापक आधार' वाला हो गया है। इसका अर्थ है कि विकास केवल कुछ चुनिंदा शहरों या सेक्टरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मैन्युफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर सबका समान योगदान दिख रहा है।

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