विपक्ष कर रही देश को गुमराह- सीतारमण
सीतारमण ने आरोप लगाया कि जीएसटी पर विपक्ष देश को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत बेहतर विपक्ष का हकदार है, जीएसटी सुधारों पर उनकी आलोचना गलत जानकारी पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत बेहतर विपक्ष का हकदार है, जीएसटी सुधारों पर उनकी आलोचना गलत जानकारी पर आधारित है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा, जिन्होंने 2017 में लागू किए गए एकीकृत अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में चार कर स्लैब बनाए जाने का दोष बीजेपी-नेतृत्व वाले एनडीए सरकार पर मढ़ा और हालिया सुधारों में केवल दो स्लैब रखने को अपनी जीत बताया।
सीतारमण ने स्पष्ट किया कि यह बीजेपी का निर्णय नहीं था और तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ही विभिन्न कर स्लैब तय करने या किसी वस्तु पर जीएसटी दर तय करने का निर्णय नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मंत्री भी इसमें शामिल थे। "क्या उन्हें इस बात का पता नहीं है?" उन्होंने सवाल किया। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर विपक्षी नेता तथ्य पेश करके उन्हें गलत साबित कर दें, तो उन्हें माफी मांगने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी।
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कांग्रेस मुद्दे को नहीं समझती
सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस अब हरकत में आ गई है। अगर आप मुद्दे को नहीं समझते हैं, तो कम से कम आप चुप रह सकते हैं। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल को याद दिलाया कि राज्यों के वित्त मंत्रियों की एक अधिकार प्राप्त समिति ने ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले इसमें चार स्लैब रखने का फैसला किया था। इसी समिति ने 2017 से जीएसटी में क्या लागू किया जाना है, इसका खाका तैयार किया था।
वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी सुधार पर लंबी चर्चाओं में, जिसमें कांग्रेस-नेतृत्व वाली यूपीए सरकार का समय भी शामिल था, वामदल नेता और तब पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री आसिम दासगुप्ता ने सशक्त समिति के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सीतारमण ने बताया कि अन्य विपक्षी शासित राज्यों के वित्त मंत्रियों ने भी विभिन्न समयों पर इन विचार-विमर्शों में भाग लिया। उन्होंने कहा कि सशक्त समूह ने विभिन्न राज्यों में किसी वस्तु पर अलग-अलग कर स्तरों का मूल्यांकन किया, उनका औसत निकाला और फिर उस उत्पाद को चार जीएसटी स्लैब में से उस औसत के सबसे करीब वाले स्लैब में रखने पर सहमति बनी।
जयराम रमेश के तर्क को किया खारिज
सीतारमण ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के इस तर्क को खारिज कर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में जीएसटी परिषद को तर्कसंगत बनाने की घोषणा करके उसे कमजोर किया है। जीएसटी परिषद एक संवैधानिक निकाय है जो अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था से संबंधित सभी निर्णय लेता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा जनहितैषी सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया है और वे ऐसे और कदम उठाते रहेंगे।