गणेशोत्सव से शुरू हुआ त्योहारी सीजन इस बार सिर्फ भारतीय बाजारों में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में भारतीय उत्पादों की मांग को नई ऊंचाई दे रहा है। एक तरफ देश में खरीदारी का उत्साह 5 साल के उच्च स्तर पर है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया भर में भारतीय स्वाद, संस्कृति और उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता कारोबारियों के लिए नए अवसर लेकर आ रही है।
त्योहारों की यह चमक सिर्फ बाजारों को नहीं, बल्कि भारत के व्यापार और निर्यात को भी रोशन करती दिख रही है। देश में मिठाइयों, कपड़ों, सजावटी सामान और उपहारों की बिक्री तेज हो रही है, वहीं अमेरिका, यूरोप, खाड़ी देशों और भारतीय प्रवासी आबादी वाले बाजारों से भी भारतीय खाद्य उत्पादों, पारंपरिक परिधानों और हस्तशिल्प के ऑर्डर बढ़ रहे हैं। उद्योग जगत का मानना है कि यह त्योहारी मांग ऐसे समय आई है, जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच भारतीय निर्यातकों को नए अवसर मिल रहे हैं।
नवरात्र और दिवाली से पहले उपभोक्ता मांग 60 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचती दिख रही है। उद्योग संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि इस बार ग्राहकों की आवाजाही पिछले साल की तुलना में बेहतर बनी हुई है।
कपड़ा उद्योग को बेहतर बिक्री की उम्मीद
कपड़ा और परिधान उद्योग इस बार सबसे अधिक उत्साहित दिखाई दे रहा है। क्लोदिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएमएआई) के सर्वे के अनुसार, 52% परिधान निर्माताओं को पिछले साल की तुलना में बेहतर बिक्री की उम्मीद है। भारत-ब्रिटेन एफटीए और अन्य व्यापार समझौतों का फायदा आने वाले वर्षों में और अधिक मिलेगा। वैश्विक कंपनियां चीन पर निर्भरता कम कर रही हैं, जिसका लाभ भारतीय निर्यातकों को मिल सकता है।
युद्ध के बीच निर्यात को बड़ा सहारा
अगस्त में भारत का माल निर्यात 26% से अधिक बढ़कर 43.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन के ऑर्डर, अमेरिका में मजबूत मांग और भारतीय उत्पादों की बढ़ती स्वीकार्यता ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर के मुताबिक, उम्मीद से बेहतर मानूसन, नियंत्रित महंगाई और ग्रामीण मांग में सुधार से त्योहारी खर्च को समर्थन मिल रहा है।
विदेशों में बढ़ी भारतीय स्वाद व परंपरा की मांग
- भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी वाले देशों में बड़े उत्सवों की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके चलते रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों, मिठाइयों, स्नैक्स और पारंपरिक परिधानों की मांग बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार, यूरोप में भारतीय खाद्य उत्पादों के ऑर्डर करीब 20% तक बढ़े हैं, जबकि अमेरिका में टेक्सटाइल और तैयार कपड़ों के ऑर्डरों में 30-40% तक वृद्धि दर्ज की जा रही है। भारतीय साड़ियां, कुर्ते, लहंगे, एथनिक वियर, दीये, पूजा सामग्री और हस्तशिल्प उत्पाद भी प्रवासी भारतीयों के बीच लोकप्रिय बने हुए हैं।
- अब मिठाइयों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। खाड़ी देश फ़ूड एक्सपोर्ट के लिए एक अहम मार्केट बनकर उभरा है। कुवैत, ओमान और बहरीन में खरीदार मिठाइयां, ड्राई फ्रूट्स, नमकीन, चावल, मसाले, घी, अचार की लगातार खरीद कर रहे हैं। कुवैत में पनीर, चटनी-सॉस, डिब्बाबंद खाना और ड्राई फ्रूट्स जैसे कई तरह के उत्पादों की मांग देखी जा रही है। ओमान में खरीदार चावल, मसाले, दालें और अचार मंगा रहे हैं, जबकि बहरीन में पारंपरिक त्योहारों वाले खाने और नमकीन की मांग तेज बनी हुई है।
किस चीज की मांग कितनी बढ़ी?
| उत्पाद/सेक्टर |
बढ़ोतरी |
| टेक्सटाइल |
30-40% |
| रेडी-टू-ईट फूड |
20% |
| एथनिक वियर/कपड़ा |
52% |
| मावा की मिठाइयां |
145% |
| फूल और पूजा सामग्री |
868 ऑर्डर प्रति मिनट |
| ई-कॉमर्स फेस्टिव सेल |
20-25% |
| क्विक कॉमर्स |
150% |
छोटे शहरों में तेज हुआ कारोबार
गोदरेज इंटरप्राइजेज ग्रुप के कमल नंदी ने कहा, बड़े और छोटे शहरों में बाजार की भावना बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि रिटेल चेन और ई-कॉमर्स की बढ़ती पहुंच के साथ प्रीमियम सेगमेंट अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
मिठाइयों और खाद्य उत्पादों का बाजार चढ़ा
गणेशोत्सव के दौरान दिल्ली-एनसीआर में मोदक की रिकॉर्ड मांग देखने को मिली और कई विक्रेताओं को प्रतिदिन हजारों ऑर्डर मिले। खाद्य कंपनियां भी प्रीमियम गिफ्ट पैक, चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स और रेडी-टू-ईट उत्पादों की बढ़ती मांग का फायदा उठाने की तैयारी में हैं। उद्योग का कहना है कि उपभोक्ता अब पारंपरिक मिठाइयों के साथ-साथ ब्रांडेड और प्रीमियम गिफ्टिंग उत्पादों की ओर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले कुल घरेलू मांग में लगभग 6% की औसत बढ़ोतरी का अनुमान है। हालांकि, कुछ उत्पादों में 15% से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी जा रही है।