अमेरिका के बैंकिंग क्षेत्र के नियामक फेडरल रिजर्व ने एक लंबे समय से प्रतीक्षित सेवा फेडनाउ की शुरुआत कर दी है। इसका उद्देश्य देश की भुगतान प्रणाली को आधुनिक बनाना है। इस तहत अमेरिकियों को 24 घंटे और सप्ताह में सात दिन धन भेजने और प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को घोषणा की। "फेडनाउ" सेवा जो 2019 से काम कर रही है, अब व्यापक तौर पर इस्तेमाल होने नकद हस्तांतरण में लगने वाले कई दिनों के अंतराल को खत्म करने की कोशिश करेगी। इस सेवा के शुरू होने के बाद अमेरिका यूनाइटेड किंगडम, भारत, ब्राजील और यूरोपीय संघ सहित उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां इसी तरह की सेवाएं वर्षों पहले से मौजूद हैं।
41 बैंको और सेवा प्रदाताओं को सेवा मुहैया कराने के लिए किया गया प्रमाणित
फेडनाउ ने 41 बैंकों और 15 सेवा प्रदाताओं को यह सेवा मुहैया कराने के लिए प्रमाणित किया है जिसमें सामुदायिक बैंक और जेपी मॉर्गन चेस, बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन और यूएस बैंककॉर्प जैसे बड़े उधारदाता शामिल हैं। लेकिन फेड इस साल और अधिक बैंकों और क्रेडिट यूनियनों को शामिल करने की योजना बना रहा है। फेड ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि अब तक 35 बैंक और क्रेडिट यूनियन के साथ ट्रेजरी विभाग का राजकोषीय सेवा ब्यूरो इस सेवा का उपयोग करेंगे।
बड़े बैंको ने शुरू में किया था सेवा का विरोध
यह सेवा द क्लियरिंग हाउस के आरटीपी नेटवर्क सहित निजी क्षेत्र की रीयल-टाइम भुगतान प्रणालियों के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी और शुरू में बड़े बैंकों द्वारा इसका विरोध किया गया था, उन्होंने कहा था कि यह अनावश्यक है। लेकिन अब कई लोग इस आधार पर इसका इस्तेमाल करने पर सहमत हुए हैं कि फेडनाउ उन्हें उन सेवाओं का विस्तार करने की अनुमति देगा जो वे ग्राहकों को पेशकश कर सकते हैं। यूएस बैंक में वैश्विक भुगतान और एम्बेडेड भुगतान के प्रमुख अनु सोमानी ने कहा, "हमारे लिए, फेडनाउ वास्तव में पहुंच का विस्तार करने का एक शानदार तरीका है।"
फेडर्व रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम एच पॉवेल ये बोले
फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम एच पॉवेल ने कहा, "फेडरल रिजर्व ने आने वाले वर्षों में रोजमर्रा के भुगतान को तेज और अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद करने के लिए फेडनाउ सेवा का निर्माण किया है। "समय के साथ, जैसे-जैसे और अधिक बैंक इस नई सेवा का उपयोग करना चुनते हैं, लोगों को और अधिक लाभ मिलेगा।" बता दें कि भारत में फेड नाव जैसी सेवा यूपीआई पेमेंट्स, आरटीजीएस और एनईएफटी के रूप में पहले से मौजूद है।