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निवेश: वित्तीय स्थितियों पर परिवार से बात करनी जरूरी, चर्चा में महिलाओं-बच्चों को भी करें शामिल

सार

यह समय ऐसा है, जब वित्त एक महत्वपूर्ण चर्चा के रूप में उभर रहा है। चाहे निवेश हो, खर्च हो या फिर किसी भी तरह से पैसे का उपयोग हो, उसके बारे में जब आप परिवार में खुलकर बात करेंगे तो बहुत सारी चीजें ठीक हो सकती हैं। वित्तीय स्थितियों पर चर्चा में परिवार की महिलाओं को भी जरूर शामिल करें।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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बड़े शहरों और यहां तक कि कुछ कस्बों में पति-पत्नी का कमाना आम बात है। वास्तव में गृहिणियों द्वारा उत्पन्न आर्थिक प्रभाव को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। महिलाएं वित्तीय मूल्य बनाकर घर में बहुत कुछ लाती हैं। फिर भी, घर पर पैसे के बारे में बात करना हममें से कई लोगों के लिए अविश्वसनीय रूप से असुविधाजनक है। कई लोग धन के बारे में कोई भी बातचीत करने से बचते हैं जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

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बच्चों को पैसों की अहमियत बताएं  
आर्थिक रूप से संपन्न हमारे एक मित्र के 24 साल के बेटे की शादी इस साल की शुरुआत में उसकी एक दोस्त से हुई। मेरा दोस्त और उसकी पत्नी अकाउंटेंट हैं, जो बड़ी फर्मों के साथ काम करते हैं। उनके इकलौते बेटे ने भी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करके पेशेवर रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है और वह अपनी नवविवाहित पत्नी के साथ मास्टर्स करने के लिए अमेरिका जाने की तैयारी में है। इसलिए, मैं थोड़ा हैरान था कि शादी के बाद इतने कम समय में अमेरिका जाने की क्या जल्दी है। बहू चित्रा एक ऐसे परिवार से आती है, जहां वित्तीय समझदारी की महत्ता नहीं रही है। उनका परिवार कारोबारी है और एक विशाल घर में रहता है। उनके पिता ने ऑटोमोबाइल पार्ट्स उद्योग में अपनी पहचान बनाई, जो बड़ा हो गया है। लेकिन, उन्होंने अपने वित्तीय योगदान के बारे में कभी स्पष्ट चर्चा नहीं की। इसलिए, पैसों की अहमियत के बारे में चित्रा भी अनजान है। 

छोटी-छोटी चीजों का बड़ा महत्व
इसके विपरीत, मेरे मित्र के बेटे दिलीप की परवरिश अधिक जमीनी स्तर पर हुई, जहां पैसा सीमित था। परिवार को हर दूसरे वर्ष विदेश जाने के लिए एक अवकाश मिलता था। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि देखभाल की जरूरत के कारण दादा-दादी उनके साथ रहे। मुझे याद है कि मेरे दोस्त के पिता सेवानिवृत्त रेलवे अधिकारी थे। वे जितनी बार संभव हो सके, ट्रेन से दिल्ली और पटना यात्रा करते थे, जहां उनका दूसरा बेटा रहता था, क्योंकि उन्हें लगता था कि उनका रेलवे पास वित्तीय रूप से मायने रखता है।  
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जल्दबाजी में न उठाएं कोई कदम  
मेरे मित्र का चार बेडरूम वाला अपार्टमेंट उनके लिए उपयुक्त है, जिसमें सभी के लिए पर्याप्त जगह है। उनके पास फ्लोटिंग हाउस-हेल्पर्स हैं, जो विशिष्ट कार्यों में मदद करते हैं। जब उनके बेटे की शादी हुई, तो उन्होंने अपनी बहू का स्वागत किया और उसे रहने दिया। उन्हें तब आश्चर्य हुआ, जब बहू जल्द ही उनके घर में डाइनिंग टेबल, पंखे से लेकर रसोई के उपकरण आदि सब कुछ बदलने की सोचने लगी। बहू ने जब नवीनीकरण का सुझाव दिया, तो मेरे मित्र ने अपना कदम पीछे खींच लिया क्योंकि अब उन्हें छह महीने के लिए कहीं और रहना पड़ता। 

वित्तीय जीवन में स्पष्टता होनी जरूरी  
 चित्रा को लगा कि उससे नाराजगी जताई जा रही है और दिलीप को अचानक अपने माता-पिता और पत्नी के बीच स्टैंड लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। वैसे भी, मेरा दोस्त चतुर था और उसने युवा जोड़े को उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की योजना से पहले छुट्टी लेने का सुझाव देकर शांति स्थापित की। यह ध्यान देने वाली बात है कि हर नवविवाहित जोड़े अपनी वित्तीय मान्यताओं और अनुभवों पर चर्चा करने में समय व्यतीत करें। अपने वित्तीय जीवन को कैसे जीना चाहते हैं, इस पर स्पष्टता होना भी कम महत्वपूर्ण नहीं है।

चिंताओं के बजाय खुलकर करें चर्चा
माता-पिता के लिए चिंताएं और परेशानियां पैदा करने के बजाय युवा जोड़ों को अपनी वित्तीय योजनाओं पर अधिक खुलकर बातचीत करनी चाहिए। परिवार के बुजुर्गों को भी इसमें जरूर शामिल करना चाहिए।                

  • इसका मतलब यह नहीं है कि आपको एक ही बार में एक-दूसरे से सब कुछ साझा करना होगा। आप समय के साथ ऐसा कर सकते हैं और परिवार में एक-दूसरे के वित्तीय स्वभाव को समझ सकते हैं और उसके अनुसार स्थितियों का समायोजन कर सकते हैं।          
  • वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए स्थिति के नियंत्रण से बाहर होने का इंतजार न करें और चुनौतियों से निपटने पर काम करें।
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