सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक, भारत में अपनी क्रिप्टोकरेंसी लिब्रा को लॉन्च नहीं करेगी। कंपनी से जुड़े एक सूत्र ने कहा है कि लिब्रा उन देशों में लॉन्च नहीं होगी, जहां पर पहले ही सरकार द्वारा क्रिप्टोकरेंसी को बैन किया जा चुका है।
नहीं उपलब्ध होगा डिजिटल वॉलेट
इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार, फेसबुक क्रिप्टोकरेंसी के साथ ही अपने डिजिटल वॉलेट कैलिब्रा को भी भारत में उपलब्ध नहीं कराएगा। फिलहाल फेसबुक ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास अपनी क्रिप्टोकरेंसी को शुरू करने के लिए कोई आवेदन नहीं किया है।
व्हाट्सऐप पर मौजूद होगा कैलिब्रा
फेसबुक ने कहा कि उसका डिजिटल वॉलेट कैलिब्रा व्हाट्सऐप पर मौजूद होगा। यह पूरे विश्व में सोशल मैसेजिंग ऐप का प्रयोग करने वाले यूजर्स को मिलेगा।
इनके साथ मिलाया हाथ
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने कहा है कि उसने इस करेंसी को शुरू करने के लिए पेपाल, उबर, स्पॉटिफाई, वीजा और मास्टरकार्ड के साथ हाथ मिलाया है। इससे कंपनी को अपने व्यापार को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इनको हो सकता है खतरा
हालांकि फेसबुक के इस कदम से विभिन्न देशों में स्थित बैंकों, उनकी राष्ट्रीय करेंसी और यूजर्स की प्राइवेसी पर खतरा पड़ सकता है। लेकिन कंपनी का कहना है कि वो अपने दो दर्जन से अधिक सहयोगियों के साथ मिलकर इस करेंसी को संचालित करेगी।
100 करोड़ डॉलर की कमाई का लक्ष्य
फेसबुक को उम्मीद है कि वो लिब्रा लॉन्च होने के कुछ महीनों बाद 100 करोड़ डॉलर की कमाई कर लेगी। कंपनी का मानना है कि इससे वो लोग भी व्यापार कर सकेंगे जिनका बैंक खाता नहीं है या फिर वो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं करते हैं। फेसबुक ने कहा है कि लिब्रा की वैल्यू यूएस डॉलर, यूरो या फिर अन्य करेंसियों के समकक्ष होगी। इसके लिए एक लिब्रा एसोसिएशन का गठन किया जाएगा, जिसका मुख्यालय जिनेवा में होगा। यह एसोसिएशन स्विस कानून के दायरे में काम करेगा।
भारत में बैन है क्रिप्टोकरेंसी
भारत में क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल पूरी तरह से बैन है। क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2019 के ड्राफ्ट में यह प्रस्ताव दिया गया है कि देश में क्रिप्टोकरेंसी की खरीद-बिक्री करने वालों को 10 साल की जेल की सजा मिलेगी। इसलिए भारत में लोग लिब्रा का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
यह है कैलिब्रा
लिब्रा क्रिप्टोकरेंसी के साथ फेसबुक ‘Calibra’ डिजिटल वॉलेट भी लॉन्च करेगा। कैलिब्रा एक ग्लोबल क्रिप्टोकरेंसी है, जिसे ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर बनाया गया है। इससे यूजर्स का अनुभव और भी बेहतर होगा। कैलिब्रा एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां लिब्रा के जरिए यूजर्स लेन-देन कर सकेंगे।