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Export-Import: अप्रैल से फरवरी के बीच निर्यात 7.5 फीसदी बढ़कर 406 अरब डॉलर, आयात में 19 फीसदी की तेजी

Thu, 16 Mar 2023 05:22 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

विनिर्माण गतिविधियों में कमजोरी से देश का निर्यात सालाना आधार पर लगातार तीसरे महीने गिरा है। फरवरी, 2023 में यह 8.8 फीसदी घटकर 33.88 अरब डॉलर रह गया है जो फरवरी, 2022 में 37.15 डॉलर था।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पिछले साल अप्रैल से इस साल फरवरी के बीच देश का निर्यात 7.5 फीसदी बढ़कर 405.94 अरब डॉलर रहा है। इस दौरान आयात भी 18.82 फीसदी बढ़कर 653.47 अरब डॉलर हो गया। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि आंकड़े बहुत उत्साहजनक हैं। हम गति बनाए रखने में सक्षम हैं। इस रुझान को देखते हुए कह सकते हैं कि वित्त वर्ष 2023 में 750 अरब डॉलर के निर्यात के आंकड़े को पार कर जाएंगे।

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विनिर्माण गतिविधियों में कमजोरी से देश का निर्यात सालाना आधार पर लगातार तीसरे महीने गिरा है। फरवरी, 2023 में यह 8.8 फीसदी घटकर 33.88 अरब डॉलर रह गया है जो फरवरी, 2022 में 37.15 डॉलर था। उधर, आयात भी इसी दौरान 8.21 फीसदी गिर कर 51.31 अरब डॉलर रह गया जो एक साल पहले समान अवधि में 55.9 अरब डॉलर था।

वाणिज्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश का व्यापार घाटा फरवरी में 17.43 अरब डॉलर रहा है जो एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। अप्रैल, 2022 से फरवरी, 2023 के बीच जिन क्षेत्र में गिरावट रही उसमें प्रमुख रूप से इंजीनियरिंग, जेम्स एवं जूलरी और सोना शामिल रहे। बढ़त वाले क्षेत्रों के आयात में कच्चा तेल, कोयला, पेट्रोलियम उत्पाद, केमिकल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चावल, तैयार कपड़े और टेक्सटाइल्स रहे।
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वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि हमने वैश्विक विपरीत परिस्थितियों के बावजूद गति बनाए रखी है। निर्यातकों ने भी गति बनाए रखी है। सेवा निर्यात बहुत अच्छा कर रहा है। व्यापार घाटा वास्तव में कम हुआ है। उम्मीद है कि हम बेहतर प्रदर्शन करेंगे। मंत्रालय ने अगले वित्त वर्ष के लिए भी लक्ष्य तय करने की कवायद शुरू कर दी है।

पाम तेल आयात 30% गिरकर आठ माह के निचले स्तर पर
कमजोर मांग से देश में पाम तेल का आयात फरवरी में 30 फीसदी गिरकर 5.86 लाख टन रह गया है। यह जून, 2022 के बाद का निचला स्तर है। हालांकि, कीमतें कम होने से नवंबर, 2022 से जनवरी, 2023 के बीच पाम तेल के आयात में 86% का उछाल आया था। अब कारोबारी पहले के भंडार को खाली कर रहे हैं।

  • सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने बताया कि नवंबर और जनवरी में ज्यादा आयात के कारण फरवरी में कम आयात हुआ। सोया तेल का आयात तीन फीसदी गिरकर 3.55 लाख टन, सूरजमुखी तेल का आयात 66 फीसदी घटकर 1.56 लाख टन रह गया।
  • खाने के तेल का आयात फरवरी में 12% बढ़कर 10.98 लाख टन रहा है। फरवरी, 2022 में यह 9.83 लाख टन था। तेजी इसलिए आई क्योंकि कच्चे पाम तेल का ज्यादा आयात किया गया था।
  • गैर खाद्य तेल का आयात 36,389 टन से घटकर 16,006 टन रह गया है। नवंबर, 2022 से फरवरी, 2023 के दौरान खाने के तेल का आयात बढ़कर 58.44 लाख टन पहुंच गया जो पहले के साल की समान अवधि में 45.91 लाख टन था।
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