कृषि से जुड़े छोटे उद्योगों को भी लाभ होगा। अगर खेती को मजबूत करना है तो खेती के आगे भी देखना होगा। लोगों को खेती से बाहर निकाल कर दूसरे क्षेत्रों से जोड़ने में भी काफी प्रयास दिखते हैं।
कृषि के लिए काफी प्रोजेक्ट बनाए हैं। पीएम धन-धान्य योजना से पूर्वी भारत के पिछड़े जिलों को काफी लाभ मिल सकता है। जब 100 जिलों को लाभ मिलेगा तो इसके आसपास जिलों को भी लाभ मिलेगा। बजट में घोषित योजनाओं से कृषि उत्पादन, वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और जलवायु से लड़ने में क्षमता विकसित होगी।
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मछली पालन और कपास उत्पादन के फैसलों से भी किसानों को लाभ होगा। कृषि से जुड़े छोटे उद्योगों को भी लाभ होगा। अगर खेती को मजबूत करना है तो खेती के आगे भी देखना होगा। लोगों को खेती से बाहर निकाल कर दूसरे क्षेत्रों से जोड़ने में भी काफी प्रयास दिखते हैं। कृषि में निवेश पहला केंद्र सरकार करती है, दूसरा राज्य सरकार करती है, तीसरा किसान करता है।
कृषि में पीपीपी मॉडल की शुरूआत की सलाह
किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ने से किसान का निवेश खेती में बढ़ेगा। सरकार अगर कुछ नया कर सकती है वो कृषि में पीपीपी मॉडल पर योजनाओं को शुरू किया जा सकता है। जैसे एयरपोर्ट, पोर्ट, रोड, पावर सेक्टर आदि में पीपीपी मॉडल पर काम हो रहा है, वैसे ही कृषि में भी सरकार काम कर सकती है। इसमें मार्केट डवलपमेंट और फूड पार्क बनाने के लिए इस मॉडल पर काम हो सकता है।