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Demonetisation: सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखने वाले चिदंबरम बोले- फैसले का स्वागत पर…

Mon, 02 Jan 2023 01:16 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Demonetisation: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सरकार के लिए झटका करार दिया है। उन्होंने इस मामले में  याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में दलील रखी था।  उन्होंने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि माइनॉरिटीज जजमेंट में ही पर नोटबंदी के फैसले को गैरकानूनी और त्रुटियों से भरा बताया गया है।
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट के पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने मोदी सरकार के 2016 में 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने के फैसले को सही करार दिया है। जस्टिस अब्दुल नजीर की अध्यक्षता वाली संवैधानिक बेंच ने 4:1 के बहुमत से नोटबंदी के पक्ष में फैसला सुनाया है। फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोटबंदी से पहले केंद्र और आरबीआई ने आपस में सलाह मशविरा किया था। फैसले के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदंबरम ने इस पर अपना पक्ष रखा है। 

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हालांकि उच्चतम न्यायालय के इस फैसले को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सरकार के लिए झटका करार दिया है। उन्होंने इस मामले में  याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में दलील रखी था।  उन्होंने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि माइनॉरिटीज जजमेंट में ही पर नोटबंदी के फैसले को गैरकानूनी और त्रुटियों से भरा बताया गया है। यह सरकार के लिए एक झटके की तरह है।  उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया जाना चाहिए। चिदंबरम ने नोटबंदी पर कोर्ट का फैसला आने के बाद अपना पक्ष रखा।
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उन्होंने कहा कि कोर्ट ने फैसला दिया है और हमें उसे मानना है। हालांकि यहां इस बात पर गौर करना जरूरी है कि कोर्ट ने नोटबंदी के फैसले को बहुमत के साथ तर्कसंगत नहीं ठहराया है। ना ही जजों ने बहुमत के साथ यह कहा है कि नोटबंदी के जो लक्ष्य थे वह हासिल हो गए। फैसले के बाद कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि फैसले में जो असहमति जताई गई है वह अदालत के इतिहास में दर्ज प्रसिद्ध असहमतियों में शुमार होगा। हमें खुशी है कि अल्पमत के फैसले ने लोकतंत्र में संसद की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है। हम आशा करते हैं कि भविष्य में निरंकुश कार्यकारिणी संसद और जनता पर विनाशकारी निर्णय नहीं थोपेगी।

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